अंटार्कटिका से टूटकर अलग हुआ दिल्ली से भी 4 गुना बड़ा हिमखंड

नई दिल्ली (12 जुलाई): अन्टार्कटिका के आइसबर्ग टूटने के बारे में वैज्ञानिकों ने एक बड़ा खुलासा किया है। अन्टार्कटिका पर रिसर्च कर रहे कुछ वैज्ञानिकों ने बताया कि इससे अब तक का सबसे बड़ा आइसबर्ग टूट कर अलग हो गया है। स्वानसी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कहा कि यह घटना बुधवार की रात में घटित हुई है। इस हिमखंड का वजन खरबों टन बताया जा रहा है और यह संभवतः अब तक का सबसे बड़ा टुकड़ा है जो हिमचट्टान से अलग हुआ है।


इस हिमखंड का आकार 5 हजार 80 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत की राजधानी दिल्ली के आकार से 4 गुना बड़ा है। गोवा के आकार से डेढ़ गुना बड़ा और अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से 7 गुना बड़ा है। इस घटना का दुनिया के पर्यावरण पर असर पड़ने वाला है।


बुधवार की आधी रात को करीब 5800 वर्ग किलोमीटर का एक विशाल आइसबर्ग टूट कर अन्टार्कटिका से अलग हो गया। लगभग दिल्ली शहर के आकर के इस विशाल आइसबर्ग को वैज्ञानिकों ने ए 68 नाम दिया है।


अन्टार्कटिका से आइसबर्ग टूटने कि ये कोई पहली घटना नहीं है लेकिन ए 68 नाम का ये आइसबर्ग अब तक का सबेसे बड़ा आइसबर्ग है। हालांकि वैज्ञानिकों ने बताया कि इस आइसबर्ग के टूटने से समुद्र के जल स्तर पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा।


कुछ जानकार इस आइसबर्ग टूटने कि घटना के लिए बढ़ते हुए तापमान को भी जिम्मेदार मान रहे है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस आइसबर्ग का कुछ हिस्सा तापमान की वजह से पिघल सकता है बाकि दशकों तक वहां मौजूद रह सकता है।