राजीव गांधी जयंती: क्या देश के सबसे युवा PM के बारे में ये जानते हैं आप...

डॉ. संदीप कोहली

नई दिल्ली (20 अगस्त): देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की आज 72वीं जयंती है। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई नेताओं ने 'वीर भूमि' जाकर फूल-मालाएं अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। तबीयत खराब होने की वजह से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी नहीं पहुंची सकीं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की जयंती पर उन्हें देश याद कर रहा है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पिता को याद करते हुए लिखा, राजीव जी की दूरदर्शिता, उनके मूल्य और लोगों के प्रति समर्पण हमारी प्रेरणा है। आईए जानते हैं राजीव गांधी जी की जयंती पर उनके जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य...

- राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को बंबई (अब मुंबई) में हुआ था - उनकी प्रारंभिक शिक्षा वेल्हम बॉयज स्कूल देहरादून से हुई थी।  - हायर एजुकेशन के लिए उन्होंने लंदन के इम्पीरियल कॉलेज में दाखिला लिया। - इम्पीरियल कॉलेज से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। - हवाई जहाज को उड़ाना राजीव गांधी का सबसे बड़ा जुनून था।  - लंदन से भारत लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली फ्लाइंग क्लब की प्रवेश परीक्षा पास की।  - परीक्षा पास करने का बाद उन्हें वाणिज्यिक पायलट का लाइसेंस मिला।  - जल्द ही वे घरेलू राष्ट्रीय विमान सेवा इंडियन एयरलाइंस के पायलट बन गए। - राजीव गांधी को प्लेन उड़ाने के अलावा उन्हें फोटोग्राफी का भी शौक था। - इसके अलावा उनकी संगीत में भी बहुत रुचि थी, रेडियो सुनने का बहुत शौक था।  - उन्हें पश्चिमी और हिन्दुस्तानी शास्त्रीय के साथ-साथ आधुनिक संगीत भी पसंद था।  - 1965 में कैम्ब्रिज में उनकी मुलाकात सोनिया मैनो से हुई थी।  - सोनिया उस समय वहां अंग्रेजी की पढ़ाई कर रही थीं।  - राजीव गांधी से सोनिया का प्यार पहली नजर का प्यार था।  - मुलाकात के तीन साल बाद 25 फरवरी 1968 को दोनों विवाह के बंधन में बंध गए।  - राहुल का जन्म 19 जून 1970 को हुआ और उनकी बहन प्रियंका का 19 जनवरी 1972 में।

राजनीती में दिलचस्पी न होने के बावजूद किया राजनीति में प्रवेश - शुरू में राजीव को सत्ता में दिलचस्पी नहीं थी, सोनिया भी खुद को इससे दूर रखना चाहती थीं।  - लेकिन कहते हैं ना होनी को कौन टाल सकता है। जो होना होता है वह होकर रहता है। - लेकिन 23 जून 1980 में एक विमान दुर्घटना में उनके भाई संजय गांधी की मौत ने सारी परिस्थितियां बदल कर रख दीं। - उनपर राजनीति में प्रवेश करने और मां इंदिरा गांधी को राजनीतिक कार्यों में सहयोग करने को कहा गया। - पहले उन्होंने इन दबावों का विरोध किया लेकिन बाद में वे उनके द्वारा दिए गए तर्क से सहमत हो गए।  - जून 1981 में वह लोकसभा उपचुनाव में अमेठी से निर्वाचित हुए। - इसी महीने युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बन गए।  - नवंबर 1982 में जब भारत ने एशियाई खेलों की मेजबानी की थी। - स्टेडियम के निर्माण औक अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी उन पर थी। - बिना किसी रूकावट और खामियों के खेल का आयोजन किया गया। - पार्टी महासचिव के रूप में उन्होंने पार्टी संगठन को व्यवस्थित और सक्रिय किया। 

अमिताभ बच्चन से अटूट दोस्ती - राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन की पहली मुलाकात अमिताभ के बर्थडे पर हुई थी।  - इस समय अमिताभ चार वर्ष के थे, जबकि राजीव दो वर्ष के।  - इंदिरा गांधी, राजीव को अपनी गोद में लिए अमिताभ के चौथे बर्थडे पर अमिताभ के घर पहुंची थीं। - बचपन की इस पहली मुलाकात के बाद मुलाकातों का सिलसिला राजीव गांधी की अंतिम सांस तक चला।  - वैसे दोनों बच्चों के जन्म से पहले ही बच्चन और गांधी परिवार में प्रगाढ़ मित्रता जन्म ले चुकी थी।  - नेहरू-हरिवंशराय बच्चन के बीच मित्रता थी, तो दूसरी तरफ इंदिरा गांधी-तेजी बच्चन के बीच में।  - किशोरावस्था में अमिताभ नैनिताल के शेरवुड स्कूल में पढ़ने चले गए  - राजीव गांधी देहरादून के दून स्कूल में पहुंच गए।  - तीन महीने के वैकेशन के दौरान ये दोनों मित्र दिल्ली में मौजमस्ती किया करते थे।   - अमिताभ ने एक पेशेवर एक्टर के तौर पर कामकाज शुरू किया तब अक्सर राजीव अमिताभ से मिलने फिल्म सेट पर पहुंच जाया करते थे।  - जब तक शूट खत्म नहीं होता तब तक अमिताभ का इंतजार करते थे और उन्हें कभी शूटिंग के दौरान डि‌र्स्टब नहीं करते थे।

प्रधानमंत्री के रूप में राजीव गांधी - 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई। - अपनी मां की हत्या के बाद राजीव को उसी दिन प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई।  - राजीव गांधी 40 वर्ष की आयु में भारत के नौवें प्रधानमंत्री बने। - वे भारत के सबसे कम आयु के प्रधानमंत्री थे। - उसके कुछ दिन बाद ही उन्हें कांग्रेस पार्टी का नेता चुन लिया गया। - राजीव गांधी एक सरल स्वभाव के व्यक्ति थे उनकी छवि एक उदार नेता की थी। - प्रधानमंत्री बनने के बाद वह कोई भी निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिए - राजीव गांधी निर्णय जनता और अन्य नेताओं से विचार-विमर्श करने के बाद ही लेते थे।

भारत की सूचना क्रांति के जनक - देश में तकनीकी शिक्षा और सूचना क्रांति लाने में अहम योगदान था उनका। - पहले जहां फोन इक्के-दुक्के घरों में हुआ करता थे  - राजीव गांधी के कार्यकाल में BSNL और MTNL घर-घर पहुंच गए - उनके शासनकाल में संचार क्रांति, पंचायती राज, नारी सशक्तिकरण, सूचना व प्रौद्योगिक क्रांति जैसी तमाम योजनाए चलाई गई थी। - युवाओं को 18 साल की उम्र में वोट देने का अधिकार उन्होंने ही दिया, उनकी सोच काफी आगे की थी। - पंचायत राज व्यवस्था और महिलाओं का 33 फीसदी आरक्षण राजीव गांधी की देन है। - भारत में गरीबी के स्तर में कमी लाने और गरीबों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए कदम उठाए। - 1 अप्रैल 1989 को राजीव गांधी ने जवाहर रोजगार गारंटी योजना को लागू किया। - जिसके अंतर्गत इंदिरा आवास योजना और दस लाख कुआं योजना जैसे कई कार्यक्रमों की शुरुआत की।

कई आरोपों का भी किया सामना - पंजाब और कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन ने राजीव गांधी की कोशिशों पर उल्टा असर डाला।  - इसके अलावा कई वित्तीय साजिशों में उनकी सरकार का नाम उछाला गया। - मिस्टर क्लीन की छवि पर दाग लगे।  - श्रीलंका में तमिल मुद्दे को ठीक ढ़ंग से हल नहीं करने का आरोप लगाया गया। - देश में धार्मिक तुष्टीकरण के बढ़ाने का आरोप लगाया गया। - शाहबानों मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को संसद में एक प्रस्ताव लाकर पलट दिया। - अयोध्या में राम मंदिर पर बरसों से जड़े ताले को खुलवाया। - 1989 में उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ा। - अपनी ही पार्टी में आलोचना का शिकार हुए। - आगामी चुनाव के लिए नई रणनीति बनाई गई। - 1991 के आमचुनाव में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया। - इसी दौरान अपनी सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी ही उनका काल बन गई।  - 21 मई 1991 को चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी जनसभा में उनपर आत्मघाती हमला हुआ। - राजीव गांधी की हत्या कर दी थी, हत्या से पूरा देश स्तब्ध रह गया था।