12 साल के बेटे का शव कंधे पर लेकर घर पहुंचा आदिवासी

नई दिल्ली,  (2 अक्टूबर): गुजरात में डांग जिले के वघाई में एम्बुलेंस हासिल करने में विफल रहने के बाद अपने बेटे का शव एक आदिवासी व्यक्ति के अपने कंधे पर ढोने की खबर के बाद गुजरात सरकार हरकत में आई और उसने परिवार को मदद की। यह घटना रविवार दोपहर तब सामने आई जब सोशल मीडिया पर अपने बेटे का शव कंधे पर लिए एक आदिवासी व्यक्ति की तस्वीर वायरल हुई।

खबर यह थी कि वघाई के सरकारी अस्पताल ने इस व्यक्ति के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था करने से इनकार कर दिया था। शाम को सरकार ने इस घटना पर स्पष्टीकरण दिया। सरकार ने कहा कि वघाई में मजदूर का काम करने वाले केशु पांचरा अपने बीमार 12 वर्षीय बेटे मिनेष को शहर के सरकारी अस्पताल में ले गए। यह परिवार जनजाति बहुल दाहोद का रहने वाला है।