बदल रहा है JNU! सेंट्रल लाइब्रेरी बनी बीआर अंबेडकर लाइब्रेरी

सैय्यदा अफीफा, नई दिल्ली (22 जून): जेएनयू यानी जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय बदल रहा है । अब यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी का नाम बदल कर बी आर अंबेडकर पुस्तकालय कर दिया गया है। ये बदलाव छात्र संगठन ABVP की मांग पर हुआ। 

जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी की हिंदुस्तान के नक्शे पर एक अलग पहचान है। यहां का कैंपस हमेशा से होनहार छात्रों का सपना रहा है। अब, कैंपस तेजी से बदल रहा है। JNU की इस लाइब्रेरी को अब तक यहां पढ़नेवाले छात्र सेंट्रल लाइब्रेरी के नाम से जानते थे। लेकिन, अब इसका नाम बदल कर बी आर अंबेडकर लाइब्रेरी कर दिया गया है। 

बीजेपी की छात्र इकाई एबीवीपी की मांग पर यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी का नाम बदल दिया गया। ABVP इसे अपनी बड़ी कामयाबी बता रहा है। जेएनयू को वामपंथी विचारों का गढ़ माना जाता है। यूनिवर्सिटी कैंपस में जगह-जगह लगे पोस्टर इस बात की गवाही देते है कि वामपंथी विचारधारा की पैठ यहां कितनी तगड़ी है। वामपंथी छात्र संगठनों का मानना है कि सिर्फ नाम बदलने से कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला है? 

ABVP से जुड़े छात्र बहुत पहले से जेएनयू में बदलाव की मांग कर रहे हैं। इसके लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को ABVP के छात्र नेता पत्र लिख चुके हैं। सेंट्रल लाइब्रेरी का नाम बदल कर बी आर अंबेडकर लाइब्रेरी करने का फैसला तो हो गया है। 

लेकिन, ABVP अभी दो और नाम बदलवाने की कोशिश कर रहा है। ABVP के छात्र कैंपस के कनवेंशन सेंटर का नाम एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर और स्टेडियम ग्राउंड स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा के नाम पर रखने की मांग कर रहे हैं।