UP: शहरी क्षेत्र में 24 घंटे, गांवों में 48 घंटे में बदले जाएंगे ट्रासंफॉर्मर


लखनऊ(7 अप्रैल): शहरों के साथ गांवों में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार बड़े कदम उठाने की तैयारी में है। अगले 10 दिन में पावर कॉरपोरेशन गांवों में ट्रांसफार्मर बदलने की मियाद 72 घंटे से घटाकर 48 घंटे करेगा। इसके अलावा अक्टूबर, 2018 तक गांवों में 24 घंटे बिजली सप्लाई की योजना है। साथ ही 15 अप्रैल तक गांवों में ऑनलाइन बिलिंग शुरू की जाएगी।


- उपभोक्ताओं की समस्या को जल्द से जल्द निपटाने के लिए टॉल फ्री नंबर 1912 का विस्तार किया जाएगा।


-  गुरुवार को ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और कैबिनेट के सामने अगले 100 दिन की कार्ययोजना रखी। इसके अलावा अक्टूबर, 2018 तक गांवों और शहरों में 24 घंटे बिजली सप्लाई की योजना भी पावर कॉरपोरेशन की है।


- अक्टूबर, 2018 तक 24 घंटे सप्लाई करने के लिए 400 से ज्यादा 33 केवी के सब स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा बड़े पैमाने पर ट्रांसमिशन लाइनों और ट्रांसमिशन उपकेन्द्रों का भी निर्माण किया जाएगा। 99 ट्रांसमिशन सब-स्टेशन और लाइनें बनाई जाएंगी। इसमें 765 केवी का एक ट्रांसमिशन सब-स्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा 400 केवी के 15 ट्रांसमिशन सब-स्टेशन बनेंगे। 220 केवी के 33 और 132 केवी के 50 सब-स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें 30-35 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।


- 24 घंटे बिजली सप्लाई के लिए पीक सीजन में 22,000 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी। इतनी बिजली उपलब्ध कराने के लिए बिजली की खरीद पर भी पावर कॉरपोरेशन भारी-भरकम रकम खर्च करेगा। इसके साथ-साथ प्रदेश में बन रहे नए पावर प्लांटों के निर्माण में भी तेजी आएगी।


- नई सरकार का सबसे ज्यादा जोर गांवों की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पर होगा। इसके तहत खेती के लिए सप्लाई अलग फीडर से और घरों में सप्लाई के लिए अलग फीडर होंगे। ताकि गांवों में 24 घंटे और सिंचाई के लिए बिजली का समय निर्धारित कर सप्लाई की जा सके।


- प्रजेंटेशन के दौरान अफसरों ने मुख्यमंत्री को बताया गया कि पावर फॉर ऑल योजना से बिजली व्यवस्था कैसे सुधरेगी। यूपी पावर फॉर ऑल योजना पर 14 अप्रैल को साइन करेगा।