अमृतसर रेल हादसा: कातिल ट्रेन का ड्राइवर बोल रहा है झूठ, प्रत्यक्षदर्शी ने बताया सच


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 22 अक्टूबर ): शुक्रवार को रावण दहन देख रहे लोगों को तेज रफ्तार ट्रेन रौंदते हुए निकल गई। इस हादसे में 61 लोगों की मौत हो गई। कातिल ट्रेन के ड्राइवर ने हादसे पर पुलिस और रेलवे अधिकारियों के सामने बयान दिया कि उसने ट्रेन इसलिए नहीं रोकी, क्योंकि लोग हादसे वाली जगह पत्थर फेकने लगे। लेकिन वहां पर मौजूद लोगों ने ड्राईवर के इस बयान को झूठा करार दिया है।

मीडिया रिपोर्ट में निगम पार्षद में ने कहा, ''मैं मौके पर मौजूद था। ट्रेन ने अपनी गति थोड़ी सी भी धीमी नहीं की। ऐसा लगता था कि ड्राईवर हमें कुचल देना चाहता था। ट्रेन महज कुछ मिनटों के भीतर ही वहां से गुजर गई।

उन्होंने कहा, क्या यह मुमकिन है कि जब इतने लोगों की मौत हो गई हो और इतनी बड़ी संख्या में लोग घायल हों उसके बाद लोग ट्रेन के ऊपर पत्थरबाजी करें? ऐसा संभव है कि इस घटना के बाद तेज गति से जा रही ट्रेन पर हम पत्थरबाजी करने लग जाएं?''

शनिवार को ट्रेन ड्राईवर ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने जब पटरी में भीड़ देखी तो इमरजेंसी ब्रेक लगाया था। उन्होंने आगे कहा कि लोगों को पटरी से उतारने के लिए वह लगातार हॉर्न बजा रहे थे।

ड्राईवर ने बताया कि जैसे ही वह ट्रेन रोकने जा रहा थे कि कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमृतसर की तरफ बढ़ गए और घटना के बारे में अधिकारियों को सूचित कर दिया। वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने ड्राईवर के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसने मौके पर घटना के पास ट्रेन कहीं भी धीमी नहीं की गई थी।