रहें तैयार, आपके मोबाइल नंबर का फिर से हो सकता है वैरिफिकेशन

नई दिल्ली (27 जनवरी):नोटबंदी के बाद सरकार देशभर में कैशलेस इकोनॉमी और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने में जुटी है। लिहाजा इसके लिए फोन और स्मार्टफोन की उपयोगिता आने वाले दिनों में और बढ़ जाएगी। ऐसे में सरकार के सामने फ्रॉड से बचने की भी चुनौती है।

आकंड़ों को मुताबिक फेक आई कार्ड के जरिए मोबाइल नंबर लेने और उससे फ्रॉड करने के मामले तेजी से इजाफा हो रहा है। ऐसे में सरकार दोबारा मोबाइल नंबर के वैरिफिकेशन के लिए कह सकती है। इसके लिए TRAI ने डिपॉर्टमेंट ऑफ टेलिकॉम को सिफारिश भी कर चुकी है। जिसके तहत मौजूदा कस्टमर्स का ई-केवाईसी होना जरूरी किया जा सकता है।

डिपॉर्टमेंट ऑफ टेलिकॉम को लिखे लेटर में TRAI ने कहा है कि नए सिम कार्ड को इश्यू करने के लिए ई-केवाईसी सिस्टम को लागू कर दिया गया है। लेकिन देश में पुराने मोबाइल यूजर्स के ज्यादातर फिजिकल केवाईसी की गई है। इसकी वजह से काई मामले में लोगों की आईडी का मिसयूज हो रहा है। इसे देखते हुए  पुराने यूजर्स के लिए भी ई-केवाईसी कराने की जरूरत है। इस समय देश भर में 110 करोड़ से ज्यादा टेलिफोन सब्सक्राइबर्स हैं।

देश में इस समय 111 करोड़ से ज्यादा लोगों का आधार बन चुका है। इसे देखते हुए TRAI ने डिपॉर्टमेंट ऑफ टेलिकॉम को कहा है कि वह आधार बेस्ड ई-केवाईसी कराएं। जैसा कि कई टेलिकॉम कंपनियां नए यूजर्स के लिए कर रही हैं। इसके तहत तय समय सीमा में चरणबद्ध तरीके से ई-केवाईसी के प्रोसेस को पूरा किया जाय।

TRAI ने यह भी कहा कि यूजर्स को अपने मोबाइल नंबर का वैरिफिकेशन कराने पर कंपनियां फ्री डाटा और फ्री टॉक टाइम का भी ऑफर दे सकती हैं। जिससे यूजर खुद ही ई-वैरिफिकेशन के लिए आगे आए।

TRAI के अनुसार ऐसे यूजर जिनका आधार दूसरी जगह का है। यानी जहां वह रहते हैं, आधार उस एड्रेस को वैरिफाई नहीं करता है। उनके लिए भी ई-वैरिफिकेशन का प्रोसेस मान्य किया जाय। जिससे कि उनका भी वैरिफिकेशन कराना आसान हो।