लोगों को फ्री इंटरनेट देने के लिए विचार कर रहा TRAI

नई दिल्ली (28 मई): टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा है कि उनके विचार से लोगों को टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों की तरह ही फ्री इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए। इससे नेट न्यूट्रिलिटी का भी कोई उल्लंघन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से इंटरनेट का उपयोग बढ़ाने के तरीकों में इजाफा किया जा सकता है।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि यह प्रस्ताव फिलहाल बातचीत के दौर में ही है। उनके अनुसार यह फरवरी में ट्राई द्वारा दिए गए उस आदेश के विपरीत भी नहीं होगा जिसमें सभी मोबाइल ऑपरेटर्स पर डेटा एक्सेस के लिए अलग-अलग टैरिफ लेने पर रोक लगाई गयी है। फ्री डेटा के मसले पर कंसल्टेशन पेपर पेश किए जाने की बात पर शर्मा ने कहा, "यदि कोई कम चार्ज वसूलता है या मुफ्त कंटेट प्रदान करता है तो हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह सभी मोबाइल ऑपरेटर्स के लिए उपलब्ध होनी चाहिए।"

नेट न्यूट्रिलिटी से जुड़े कुछ ऐक्टिविस्ट्स को ट्राई के नए कंसल्टेशन पेपर को लेकर आपत्ति हो सकती है। ऐसे में ट्राई को दोबारा इसके बारे में सोचना पड़ सकता है जिसमें ट्राई ने अलग-अलग टैरिफ्स पर रोक लगाने का आदेश दिया था। बता दें कि इन्हीं के कारण फेसबुक के 'फ्री बेसिक्स' और 'एयरटेल जीरो' जैसे प्लेटफार्म्स पर रोक लगी थी।

शर्मा ने कहा कि फेसबुक के 'फ्री बेसिक्स' पर फिलहाल कुछ ही वेबसाइट का एक्सेस है और इसे रिलायंस कॉम्युनिकेशन के सबस्क्राइबर्स के द्वारा ही खोला जा सकता है। शर्मा ने कहा, " हमारा फैसला है कि फ्री या रियायती दरों पर मिलने वाले कंटेट की सुविधा सभी ग्राहकों के लिए होनी चाहिए।"