LIVE: बारिश से थमी #DelhiNCR, जगह-जगह लगा जाम, जानिए क्यों होती है दिल्ली बार-बार बारिश से बेहाल...

डॉ. संदीप कोहली, 

नई दिल्ली (31 अगस्त):  दिल्ली NCR में बुधवार सुबह से हो रही जोरदार बारिश ने सड़कों को तलाब में तबदील कर दिया। सुबह 7:30 बजे से हो रही मुसलाधार बरसात ने पूरे NCR की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। मौसम विभाग के मुताबिक सुबह 8:30 बजे से लेकर 11:30 बजे तक 6.27mm बारिश हुई। इससे पहले मंगलवार रात 3.9mm बारिश रिकॉर्ड की गई थी। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक भारी बारिश का अंदेशा जताया है लेकिन पहले दिन ही कुछ घंटे की बारिश ने शहरों का बुरा हाल कर दिया है। दिल्ली के कई इलाकों में पानी जमा होने से भारी जाम लग गया। यही हाल नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद का भी रहा। जाम में फंसे लोगों ने अपना गुस्सा ट्विटर पर #DelhiRains हैशटैग के जरिए जाहिर किया। दूसरी तरफ बारिश के कारण अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन कैरी का गुरुद्वारा शीशगंज, गौरी शंकर मंदिर और जामा मस्जिद जाने का प्रोग्राम रद्द कर दिया गया। सिर्फ IIT दिल्ली के कार्यक्रम में शिरकत कर पाए कैरी, यहां कैरी ने दिल्ली के जाम पर चुटकी लेते हुए, छात्रों से पूछा- क्या आप लोग नाव से आए हैं? आइए जानते हैं क्यों होती है दिल्ली NCR बार-बार बारिश से बेहाल... 

- दिल्ली में मंगलवार शाम से हो रही है बारिश। - बुधवार सुबह 8:30 बजे तक 3.9 mm बारिश रिकॉर्ड की गई। - जबकि सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक 62.7 mm बारिश दर्ज हुई। - दिल्ली में बुधवार को दोपहर तक 50 mm से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। - सफदरजंग में 62.7 mm, पालम में 55.8 mm, लोदी रोड में 58.4 mm। - गुडगांव में 45 mm बारिश दर्ज की गई है। - भारी बारिश के कारण दिल्ली एनसीआर ठप हो गई।  - सड़कें ताबाल में तब्दील हो गईं, जलजमाव के कारण ट्रैफिक जाम लग गया। - अभी भी सड़कों पर गाड़ियों की लंबी लाइन लगी हुई है। - गुड़गांव पुलिस ने ट्विटर पर ट्रैफिक अडवाइजरी जारी की है।  - अडवाइजरी, बारिश के कारण आपको सलाह दी जाती है कि लेन अनुशासन का पालने करें।  - दिल्ली ट्रैफिक पुलिस भी मुस्तैदी से ट्वीटर के जरिए जनता को अपडेट कर रही है। - बारिश के कारण सुबह 8.30 बजे अंधेरा छा गया।  - जिसके कारण 24 उड़ानें लेट हो गई हैं।  - इनमें से 11 दिल्ली से उड़ान भरने वाली और 13 फ्लाइट लैंड करने वाली थीं।

 

दिल्ली के कहां-कहां लगा जाम...

- पंजाबी बाग से जखीरा फ्लाईओवर - मोती नगर से इन्द्रलोक - आश्रम से सराय काले खां - सीलमपुर से शास्त्री पार्क - लक्ष्मी नगर से आईटीओ - मयूर विहार से अक्षरधाम - आनंद विहार से गाजीपुर - धौलाकुआं से महिपालपुर - लाजपत नगर से आश्रम  - लाडो सराय से आईआईटी - ओखला से जसोलो  - जहांगीर पुरी से आजादपुर

क्यों होती है दिल्ली NCR बार-बार बारिश से बेहाल... 

100 साल पुराना ड्रेनेज सिस्टम- दिल्ली का ड्रेनेज सिस्टम 100 साल पुराना है। इतने वर्षो में अनियोजित विकास के चलते सैकड़ों अवैध कॉलोनियां बस गई। शहर का तेजी से फैलाव होता चला गया। उसके मुताबिक ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विस्तृत योजना नहीं बनी। जो पुराने नाले हैं उन पर निर्माण भी हो गया। ऐसे में उनकी सफाई मुश्किल है। 

जल संचयन की व्यवस्था नहीं- दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के टाउन प्लानर कहते हैं कि दिल्ली एनसीआर में ड्रेनेज सिस्टम नाम की कोई व्यवस्था नहीं रह गई है। वर्षा जल संचयन की ठोस व्यवस्था नहीं है। नाले और सीवर आपस में मिल चुके हैं। शहर में ठोस कचरा प्रबंधन बहुत खराब है। 

दिल्ली में नालों की बुरी हालत- दिल्ली में 22 बड़े नाले हैं। उन नालों में कचरा गिराया जाता है। इसी तरह गुड़गांव में तीन और गाजियाबाद में 4 बड़े नाले हैं जिसमें सीवरेज का पानी भी बिना शोधित किए उन नालों में गिर रहा है। जबकि नालों की क्षमता भी सीमित है।

सड़कों की डिजाइन में भारी खामी- इसके अलावा सड़कों की डिजाइन में भी खामी है। हर दो-तीन साल पर सड़कों का निर्माण किया जाता है। निर्माण से पहले सड़क की पुरानी परत हटाई नहीं जाती, बल्कि उसके ऊपर कंक्रीट व कोलतार की एक नई परत चढ़ा दी जाती है। इसके चलते कई इलाकों में भवन से सड़कें ऊंची हो गई हैं। उदाहरण के लिए आइटीओ पर ही आयकर विभाग के पास सड़क ऊंची है।

दिल्ली में ड्रेनेज सिस्टम... क्यों होता है फेल...

- देश में आबादी के हिसाब से दिल्ली का दूसरा स्थान है।  - 2011 की जनगणना के अनुसार दिल्ली की आबादी 1,67,87,941 है। - साल 2016-17 में दिल्ली सरकार का बजट 46,600 करोड़ है... MCD को दिल्ली सरकार ने दिए 6,919 crore रूपए। - दिल्ली सरकार 60 फुट से चौड़ी सड़कों की मरम्मत तथा उनके किनारे स्थित नालों की सफाई के लिए 1800 करोड़ रुपये देती है। - वहीं साउथ दिल्ली निगम के अंतर्गत आने वाली 5000km की सड़कों के लिए मात्र 130 करोड़ रुपये आवंटित करती है। - दिल्ली की 29,931 किमी रोड की सफाई की जिम्मेदारी तीनों निगमों के 62 हजार कर्मचारियों की है। - तीनों निगम सड़कों और नालियों की सफाई के लिए 500 करोड़ रूपए खर्च किए जाते हैं। - इसके अलावा 1200 किमी की रोड की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यू विभाग की है। - पीडब्ल्यू विभाग सड़कों और नालियों की सफाई के लिए 200 करोड़ रूपए खर्च करता है। - पिछले साल उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने 46 हजार मैट्रिक टन गाद नालों से निकाला था। - अकेले दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने 31 हजार मैट्रिक टन गाद नालों से निकाला। - दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट ने पानी निकासी लिए 500 नए पंप लगाए हैं। - दिल्ली के ड्रेनेज मास्टर प्लान में 1981 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है। - सिवेज मास्टर प्लान जो दिल्ली जल बोर्ड ने 1998 में बनाया,  - जिसे दिसंबर 2013 में पूरा हो जाना चाहिए था, आज कर अधर में लटका है। - एनजीटी द्वारा किए गए सर्वे में पाया गया कि 1976 के बाद से 201 नालों में से 44 नालों पर अवैध निर्माण हो चुका है। - दिल्ली में 157 ऐसी सड़को को चिन्हित किया गया है जिसमें पानी भरने की ज्यादा संभावना रहती है। - पानी निकासी के लिए तीनों निगमों के अलावा दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी और एनडीएमसी की जिम्मेदार हैं।