पढिये क्या हुआ जब ट्रैफिक हवलदार ने रोक दी मोदी की कार !

नई दिल्ली (17 फरवरी): एक बार देश की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की दिल्ली में गलत जगह खड़ी कार को क्रेन से उठवा दिया था। तबसे मीडिया में उनका नाम 'क्रेन बेदी" पड़ गया। ऐसा ही एक किस्सा वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा हुआ है। ये उस समय की बात है जब मोदी मध्य प्रदेश भाजपा के प्रभारी और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। उसी दौरान भोपाल में एक ट्रैफिक हवलदार ने मोदी की कार रोक दी थी, बदले में मोदी ने मुस्कराकर शाबाशी वाले अंदाज में हौसला अफजाई भी की थी।

किस्सा इस तरह है कि  1998 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव थे और जगदलपुर (छ्त्तीस गढ़ तब अलग नहीं हुआ था) में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलजी की सभा थी। सभा में भाजपा प्रभारी नरेंद्र मोदी भी पहुंचे थे। सभा के बाद उन्हें भोपाल आना था, इसलिए वे रायपुर से एक छोटे विमान में सवार हुए और भोपाल हवाई अड्डे पर उतरे। यहां वे भाजपा कार्यालय से भेजी गई एम्बेसेडर में सवार हुए। रास्ते में हमीदिया अस्पताल के पास अचानक ट्रैफिक हवलदार ने उनकी कार रोक दी। पता चला कि मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का काफिला निकल रहा है इसलिए ट्रैफिक रोका है। चूंकि मोदी भी कम कद्दावर नहीं थे इसलिए उनके ड्राइवर ने हवलदार से कहा 'कार में भाजपा प्रभारी नरेंद्र मोदी बैठे हैं।" लेकिन हवलदार टस से मस नहीं हुआ और उसने कार को नहीं जाने दिया। काफिला गुजरने के बाद जब ट्रैफिक खुला तो मोदी ने कार में से ही हवलदार को  ड्यूटी के लिए शाबाशी दी और उसका हौसला बढ़ाया।