मजदूरी 350 किए जाने के बाद भी ट्रेड यूनियन का ऐलान, मोदी सरकार में सबसे बड़ी स्ट्राइक 2 सितंबर को होकर रहेगी

नई दिल्ली (30 अगस्त): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज अकुशल गैर कृषि कामगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी को 246 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपया प्रति दिन करने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद भी ट्रेड यूनियन झुकने के मुड में नहीं हैं और पहली बार मोदी सरकार के कार्यकाल में 2 सितंबर को सबसे बड़ी स्‍ट्राइक होकर रहेगी।

ट्रेड यूनियन का आरोप हैं कि वह किसी भी कीमत पर झुकने वाले नहीं है। उनका आरोप हैं कि मोदी सरकार मजदूरों का मजाक उड़ा रही है। हालांकि हड़ताल को खत्म करने के लिए सरकार ने आज एक बैठक भी की, जिसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया के सामने आते हुए बताया कि श्रम व रोजगार मंत्री के नेतृत्व में हुई बैठक में लिया गया निर्णय कि दिहाड़ी मजदूरों का न्यूनतम वेतन 350 रुपये प्रति दिन होगा। यह फैसला न्यूनतम मजदूरी सलाहकार बोर्ड के साथ बैठक में लिया गया।

आपको बता दें कि ट्रेड यूनियन सरकारी नीतियों के खिलाफ 2 सिंतबर को एक दिवसीय देशव्यापी सांकेतिक हड़ताल करने जा रहे हैं। जिससे उद्योगों पर हड़ताल का खासा असर दिखा जाएगा। श्रमिक संगठनों ने सरकार को अपनी ताकत दिखाने कमर कस लिया है। बीएमएस को छोड़ केंद्रीय श्रमिक संगठन इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू सहित 11 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने हड़ताल को सफल बनाने के लिए पूरा दमखम लगा दिया है।

ट्रेड यूनियन की है यह मांगे... श्रमिक संगठनों की मांग के बावजूद अब तक श्रमिक जेबीसीसीआई का गठन नहीं हुआ है। इसके चलते दसवां वेतनमान लागू नहीं हो पाया है।

ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित हड़ताल हर हार में सफल होकर रहेगी। हड़ताल को सफल बनाने के लिए श्रमिक संगठन मिलकर प्रयास कर रहे हैं। श्रमिक विरोधी सरकारी नीतियों के खिलाफ मजदूरों में आक्रोश है।