यह आदमी पैसे से है परेशान, अकूत दौलत का है मालिक

नई दिल्ली ( 13 अक्टूबर ) : पूरी दुनिया में जहां लोग पैसे के लिए परेशान हैं, तो वहीं दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख्स वॉरेन बफेट इन दिनों ज्यादा पैसों की वजह से परेशान हैं। उनके पास हर महीने इतना पैसा आ रहा है कि निवेश करने की जगह ही कम पड़ गई और उनको अब निवेश के लिए जगह नहीं मिल रही है। बुधवार को सामने आई एक रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ। बफेट की कंपनी बर्कशायर हैथवे के पास इस समय करीब 7,300 करोड़ डॉलर (4.85 लाख करोड़ रुपए) कैश है। यह रकम तेजी से बढ़ रही है। बर्कशायर कंपनी 90 तरह का कारोबार करती है। इनसे उन्हें हर महीने 1,500 करोड़ डॉलर (9,980 करोड़ रुपये) नकद मिल रहे हैं। 

जनवरी 2016 से लगातार बढ़ रही है नकदी  जनवरी में बफेट ने एविएशन कंस्ट्रक्शन वर्क कंपनी प्रेक्सिशन कास्टपार्ट 2.15 लाख करोड़ रुपये में एक्वायर की थी। बर्कशायर के    इतिहास का यह सबसे बड़ा एक्वायरमेंट था। इस एक्वायरमेंट के बाद से ही वॉरेन बफेट के पास कैश बढ़ता जा रहा है। ये मुनाफा उन्हें या तो पूरी की पूरी किसी कंपनी को खरीदने से हो रहा है या वे किसी कंपनी के ज्यादातर शेयर खरीद लेते हैं।

पूरी रकम कैश में नहीं    इन्वेस्टर एंडी किलपैट्रिक का कहना है कि उन्हें लगता है कि वह सही कीमत चुकाते हुए किसी शानदार डील की तलाश में है। ये वही एंडी हैं, जिन्होंने 'ऑफ परमानेंट वैल्यू : द स्टोरी ऑफ वॉरेन बफेट' नामक किताब लिखी थी। वैसे साफ कर दें कि बर्कशायर के पास जितनी भी नकदी है, वह पूरी तरह 'अवेलेबल' नहीं है।

दरअसल, कंपनी को अपने पास कम से कम 1.33 लाख करोड़ रुपये की रकम रखनी ही है, ताकि बर्कशायर की इन्श्योरेंस कंपनियां इस पैसे को किसी बड़े क्लेम या किसी और जरूरत के समय इस्तेमाल कर सकें।

बफेट बताते नहीं है कहां इन्वेस्ट करना है  ओमाहा की यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर जॉर्ज मॉर्गेन का कहना है कि वॉरेन क्या खरीदने जा रहे हैं, इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करते। जिन कंपनियों से डील की बातचीत रद्द करते हैं, उनके बारे में भी वह बात नहीं करते। फिर भी इन्वेस्टर्स उनकी अगली खरीद पर कयास लगाने में जुटे हैं। मोर्गन को लगता है कि वह पेट फूड कन्फेक्शनरी कंपनी मार्स कैंडी खरीद सकते हैं, यदि वे लोग इसे बेचना चाहें तो।