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इन मामलों में थोड़ा निराश करती है टोयोटा इनोवा क्रिस्टा

वैसे तो टोयोटा की इनोवा क्रिस्टा को पुरानी इनोवा की तुलना में ज्यादा स्टाइलिश और आकर्षक बनाया गया है। यह पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर, पावरफुल और प्रीमियम है। लेकिन टोयोटा की इतनी मेहनत के बावजूद भी कुछ ऐसे मामले हैं जहां अभी भी सुधार की गुंजाइश महसूस होती है। यहां हम नज़र डालेंगे ऐसी 5 चीजों पर जहां टोयोटा और बेहतर कर सकती थी।

1.बेस वेरिएंट में कम फीचर्स

इनोवा को सबसे पहले 2005 में उतारा गया। तब इसकी कीमत 7 लाख रूपए से शुरू हुई थी। इसका नया अवतार क्रिस्टा 11 साल बाद आया है। इस बार कार की कीमत करीब दोगुनी हो गई है। नई इनोवा को काफी सारे फीचर्स से लैस किया गया है। जिसे देखते हुए कार की कीमत का कीमत बढ़ाना जायज लगता है। लेकिन बेस वेरिएंट की जो कीमत है उसके मुकाबले मिलने वाले कम फीचर्स थोड़ा मायूस करते हैं।

अगर आप इनोवा क्रिस्टा का बेस वेरिएंट खरीदते हैं तो यह 14 लाख रूपए (ऑन रोड प्राइस) से कम में नहीं आएगा। इतनी कीमत देने के बावजूद भी इसमें ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और बेसिक म्यूजिक या इंफोटेनमेंट सिस्टम जैसे फीचर नहीं मिलेंगे। अगर आप वीएक्स वेरिएंट लेते हैं तो इसमें जरूर आपको 7 इंच का इंफोटेनमेंट सिस्टम, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, प्रोजेक्टर हैडलैंप्स जैसे फीचर मिलेंगे। इसकी कीमत पहुंचेगी करीब 18 लाख रूपए। वहीं दूसरी ओर, इससे भी कम कीमत में महिन्द्रा एक्सयूवी-500 के डब्ल्यू-8 वेरिएंट को देखें तो इसमें कहीं ज्यादा फीचर मिलेंगे। हालांकि इनोवा क्रिस्टा में सेफ्टी फीचर्स के तौर पर 3 एयरबैग, एबीएस के साथ ईबीडी स्टैंडर्ड दिया गया है।

2. पेट्रोल इंजन का अभाव

इनोवा क्रिस्टा को केवल डीज़ल इंजन में ही उतारा गया है। हालांकि कंपनी कहना है कि आने वाले समय में इनोवा क्रिस्टा को 2.7 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ उतारा जाएगा। पेट्रोल वर्जन इस साल के अंत तक आएगा। पेट्रोल इंजन न होने और 2000 सीसी से ज्यादा का डीज़ल इंजन लगा होने की वजह से दिल्ली-एनसीआर में इनोवा क्रिस्टा नहीं बिक पा रही है। डीज़ल बैन बीते साल दिसंबर से लगा है ऐसे में टोयोटा लॉन्च के साथ ही इसे पेट्रोल इंजन में उतारती तो बेहतर रहता।  

3. 2.4 लीटर इंजन में ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का न होना

यह सबसे अहम मुद्दा है। इतनी महंगी होने के बावजूद भी इसके 2.4 लीटर इंजन वाले वेरिएंट में ऑटोमैटिक गियरबॉक्स नहीं दिया गया है। यहां 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया जा सकता था। केवल 2.8 लीटर इंजन के साथ ही 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है।

इंडोनेशिया में उपलब्ध इनोवा में 2.4 लीटर इंजन के साथ 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया हैं। ऐसा ही भारत में भी होना चाहिए था।

4. भारी स्टीयरिंग

शहरी ट्रैफिक में रोजाना इसे चलाना थोड़ा थकान भरा हो सकता है। इसका स्टीयिंरग काफी भारी है। इसका गियर लीवर भी ऑपरेट करने में लाइट नहीं है। इसमें हाईवे पर तो कोई परेशानी नहीं आएगी, लेकिन सिटी में इसकी ड्राइविंग थकान भरी हो सकती है।

5. ज्यादा एनवीएच लेवल

इनोवा क्रिस्टा में नॉयज़, वाइब्रेशन और हार्सनेस (एनवीएच) लेवल थोड़ा ज्यादा है। इसके इंजन को बहुत ज्यादा रिफाइन नहीं कहा जा सकता। प्रीमियम केबिन को देखते हुए इंजन के शोर को कम करने वाले इंसुलेशन को और बढ़ाने की जरूरत महसूस होती है ताकि केबिन में इंजन का शोर कम सुनाई दे।

कारदेखो

इन मामलों में थोड़ा निराश करती है टोयोटा इनोवा क्रिस्टा


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