जमीन अधिग्रहण के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक मतभेद

नई दिल्ली (22 फरवरी): सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर से न्यायिक मतभेद देखने को मिल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने तीन जजों की पीठ की तरफ से जमीन अधिग्रहण के फैसले पर असहमति जताई गई है। सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच ने देश के सभी हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि फिलहाल वो जमीन अधिग्रहण मामले में उचित मुआवजे को लेकर कोई भी फैसला ना सुनाए।

जस्टिस मदन बी लोकुर, जस्टिस कूरियन जोसफ और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा कि वो 8 फरवरी के जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एके गोयल और जस्टिस एम एम शांतनागौदर की बेंच के फैसले से सहमत नहीं हैं। जस्टिस कूरियन जोसफ ने कहा कि बेंच जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच के फैसले की योग्यता पर नहीं जा रही है। हमारी चिंता न्यायिक अनुशासन को लेकर है।

आपको बता दें कि 8 फरवरी को आए फैसले में जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि अगर सरकार ज़मीन का तय मुआवजा देने की कोशिश करती है, लेकिन ज़मीन का मालिक मुआवजा नहीं लेता तो इस आधार पर अधिग्रहण रद्द नहीं होगा।

जस्टिस मदन बी लोकुर, कुरियन जोसफ और दीपक गुप्ता की बेंच ने जिस फैसले पर अमल ना करने का निर्देश देशभर की अदालतों को दिया है, उसे भी 3 जजों की बेंच ने ही पास किया था।