टमाटर के नाम पर आपके साथ हो रहा है- बहुत बड़ा 'धोखा'!

सौरभ कुमार, नई दिल्ली (17 जून): महंगाई ने थर्ड डिग्री टॉर्चर शुरू कर दिया है। सबसे पहले बात रोज आंख तरेर रहे टमाटर की। टमाटर की कीमतें आसमान छू रही हैं। इससे आपको अगले दो महीने तक राहत नहीं मिलने वाली है। हम आपको एक कड़वा सच बताने जा रहे हैं, जो टमाटर आप 70-80 रुपये किलो खरीद रहे हैं। वो सिर्फ 15-20 रुपये का है। मतलब, आपके साथ हो रहा है- बहुत बड़ा धोखा। 

हिंदुस्तान के हर शहर में टमाटर की कीमतों ने आतंक मचा रखा है। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, पटना, लखनऊ, कानपुर, भोपाल, चंडीगढ़, श्रीनगर हिंदुस्तान के हर शहर में टमाटर की कीमतें आम आदमी का खून सूखा रही हैं। बाजार में आपको कहीं भी 70 रुपये से सस्ता टमाटर नहीं मिलेगा। लेकिन, हर हिंदुस्तानी के चैनल न्यूज़ 24 ने टमाटर की कीमतों का पोस्टमार्टम करने का फैसला किया। जानना चाहा कि आखिर, टमाटर की कीमतों ने आतंक क्यों मचा रखा है।

15 का टमाटर 70 का कैसे हो गया?

बिहार की राजधानी पटना से सटे ही एक गांव है कुरकुरी। जहां के 90 फीसदी किसान टमाटर की खेती करते हैं। न्यूज़ 24 ने जानना चाहा कि पटना में जो टमाटर 70-80 रुपये किलो मिल रहा है, आखिर, उसकी असली कीमत क्या है? जो टमाटर बाजार में 70-80 रुपये किलो बिक रहा है। उसी, टमाटर की कीमत किसानों को सिर्फ 15 से 20 रुपये मिल रही है। कुरकुरी गांव के खेतों से यही टमाटर 15 किलोमीटर दूर पटना की मीठापुर सब्जी मंडी में पहुंचता है। और सिर्फ 15 किलोमीटर का सफर तय करते ही टमाटर की कीमत हो जाती है 36 से 40 रुपये किलो।

अब यही टमाटर पटना की इस थोक मंडी से निकल कर 4 किलोमीटर दूर बोरिंग रोड इलाके में पहुंचता है और खुदरा में बिकने लगता है- 70 से 80 रुपये किलो। ये हाल सिर्फ पटना का नहीं है। हिंदुस्तान के ज्यादातर शहरों में ऐसे ही टमाटर खेत से चार गुना कीमत पर खुदरा बाजार में बिक रहा है। और हम आप 4 से 5 गुना महंगा टमाटर खरीदने को मजबूर हैं। 

यूपी के ज्यादातर शहरों में भी टमाटर 70 से 80 रुपये किलो की रेट से बिक रहा है। अब हम आपको बाराबंकी लेकर चलते हैं। जहां यूपी में अमरोहा के बाद सबसे अधिक टमाटर की खेती होती है। किसान खुश है क्योंकि उन्हें इस बार टमाटर की कीमत 22 से 28 रुपये के बीच मिल रही है। 

यही टमाटर खेत से निकलकर कई रुट से होता हुआ आप तक 70 से 80 रुपये तक पहुंच रहा है। दरअसल, अभी अगले दो महीने तक टमाटर की कीमतें आपको ऐसे ही खून के आंसू रुलाने वाली हैं। अप्रैल और मई में भारी गर्मी के कारण उत्तर भारत और महाराष्ट्र जैसे टमाटर उगाने वाले राज्यों में फसल बुरी तरह से तबाह हो गयी है। दरअसल, अप्रैल में ही तापमान 40 डिग्री पार कर गया। जिससे टमाटर के 90% फूल झड़ गए ।  

अब बची-खुची टमाटर की पैदावार का मुनाफा बिचौलिए उठा रहे हैं? और 15-20 का टमाटर आप 70-80 रुपये किलो खरीदने पर मजबूर हैं।

आपने अभी जाना कि 15-20 का टमाटर कैसे आम आदमी तक पहुंचते-पहुंचते 70-80 रुपये का हो जाता है। महंगे टमाटर ने पूरे देश की सांसे फूला रखी है। सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं अफ्रीकी देश नाइजीरिया में तो टमाटर के दामों की वजह से इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। अब आपको दिखाते हैं- देश के किस शहर में लोग किस रेट से और कितना टमाटर खरीद रहे हैं। 

टमाटर लाल सोना बन चुका है। इसे खाना आम आदमी के बस की बात नहीं। लेकिन, इसके वगैर काम भी नहीं चलता। देश की राजधानी दिल्ली में महंगे टमाटर ने लोगों का पसीना छुड़ा रखा है। बिना टमाटर के खाने का स्वाद फीका हो गया है। मायानगरी मुंबई में भी टमाटर की कीमतों में आग लगी हुई है। दो महीने में 4 गुना से अधिक महंगे हो चुके टमाटर को लोग देख तो खूब रहे हैं। लेकिन, बहुत कम मात्रा में खरीद रहे हैं। 

दिल्ली और मुंबई से लखनऊ में टमाटर थोड़ा सस्ता है। वहां करीब 70 रुपये किलो के रेट से लाल सोना खुदरे में बिक रहा है। भोपाल में सिर्फ 15 दिनों पहले तक 5-10 रुपये किलो टमाटर बिकता था । लेकिन, अब ये 80 रुपये के निशान को भी पार कर गया है। 

महंगे टमाटर ने राजस्थान के लोगों की भी नींद उड़ा दी है। जयपुर वालों के दांत महंगे टमाटर के खट्टे कर दिए हैं। गुजरात में इसकी कीमतें पिछले एक महीने में दोगुनी से ज्यादा बढ़ी हैं। राज्य में टमाटर के भाव 30 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि अगली फसल आने तक टमाटर महंगाई से यूं ही लाल बना रह सकता है। 

टमाटर की नई फसल अगस्त अंत तक आने की उम्मीद है। टमाटर की कीमतें सामान्य तौर पर हर साल जून से सितंबर के दौरान बढ़ जाती हैं क्योंकि ये मौसम टमाटर की फसल का नहीं होता। मतलब, दो महीने तक आम आदमी को फिलहाल महंगे टमाटर से कोई राहत नहीं मिलने वाली ।