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क्या म्यांमार में उग्रवादी कैंपों में सर्जिकल स्ट्राइक करने की तैयारी में है भारतीय सेना?

म्यामांर में उग्रवादी कैंपों पर भारतीय सेना क्या एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी कर रही है? खूफिया एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक म्यांमार आर्मी ने एनएससीएन (के) के खिलाफ ऑपरेशन की तैयारी कर ली है। इतना ही नहीं खबर है कि उग्रवादी संगठन एनएससीएन (के) म्यांमार के कोनयांक रीजन में बेस बनाए हुए हैं, जो इलाका नागालैंड से लगता है। इंटेलिजेंस सूत्रों का कहना है कि म्यांमार आर्मी उग्रवादी कैंपों की फोटो भारतीय सेना को भेजेगी जिसके बाद भारतीय सेना आगे की कार्रवाई को अंजाम दे सकती है।

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 नवंबर): म्यामांर में उग्रवादी कैंपों पर भारतीय सेना क्या एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी कर रही है? खूफिया एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक म्यांमार आर्मी ने एनएससीएन (के) के खिलाफ ऑपरेशन की तैयारी कर ली है। इतना ही नहीं खबर है कि उग्रवादी संगठन एनएससीएन (के) म्यांमार के कोनयांक रीजन में बेस बनाए हुए हैं, जो इलाका नागालैंड से लगता है। इंटेलिजेंस सूत्रों का कहना है कि म्यांमार आर्मी उग्रवादी कैंपों की फोटो भारतीय सेना को भेजेगी जिसके बाद भारतीय सेना आगे की कार्रवाई को अंजाम दे सकती है।  गौरतलब है कि 2015 में सेना ने म्यामांर में उग्रवादी कैंपों पर सर्जिकल स्ट्राइक कर उग्रवादियों को उनकी औकात बताई थी। फिलहाल भारत सरकार की कोशिश है कि नगा समझौता हो जाए। कई नगा संगठन बातचीत कर भी रहे हैं लेकिन एनएससीएन (के) बातचीत के लिए तैयार नहीं है। सूत्रों का कहना है कि एनएससीएन (के) के भी दो गुट बनने से बातचीत का रास्ता कुछ साफ हो गया है। एक गुट बातचीत के लिए तैयार है जबकि दूसरा गुट जिसमें ज्यादातर म्यांमार के नगा हैं वह बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं।सूत्रों के मुताबिक म्यांमार में उग्रवादियों के करीब 38 कैंप हैं। म्यांमार आर्मी ने एनएससीएन (के) पर बातचीत का दबाव बढ़ाने की कोशिश भी की है। इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक म्यांमार आर्मी ने एनएससीएन (के) डोमिनेटेड एरिया में मिलिट्री प्रजेंस बढ़ाई है और कोनयांक रीजन में ऑपरेशन लॉन्च करने की चेतावनी भी दी है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत सरकार की कोशिश है कि लोकसभा चुनाव से पहले नगा समझौता हो जाए। इसलिए लगभग सभी नगा संगठनों से बातचीत की कोशिश की जा रही है। इतना ही नहीं आपको बता दें कि एनएससीएन (के) अपनी अलग नगा होमलैंड की मांग छोड़ने को तैयार नहीं हैं और इस मांग के साथ उससे बातचीत के लिए सरकार तैयार नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर म्यांमार आर्मी की तरफ से उन पर दबाव बढ़ता है और वह म्यांमार आर्मी उग्रवादी कैंपों की जानकारी शेयर करती है तो भारत की तरफ से भी कार्रवाई कर उन पर दबाव बढ़ाया जा सकता है। जिससे उम्मीद है कि वह बातचीत के लिए तैयार हों।


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