ISIS का घिनौना सचः गुलाम यज़ीदी लड़कियों को इसलिए लगाते हैं इंजेक्शन

नई दिल्ली (13मार्च): सेक्स स्लेब्स बना कर रखी गयी यज़ीदी लड़कियां प्रेग्नेंट न हो जायें इसलिए आईएसआईएस के लड़ाके उन्हें गर्भ निरोधक गोलियां और इंजेक्शन लेने को मजबूर करते हैं। सूरज ढलने के बाद जैसे-जैसे अंधेरा ङिरने लगता है वैसे-वैसे ईराक में आईएसआईएस के कैम्पों में बंधक लड़कियों की दिलों की धड़कन बढ़ने लगती है। किसी के आने की आहट भर से वो सिहर उठती हैं। उन्हें डर सताने लगता है कि वो फिर से किसी बहशत का शिकार बनने वाली है। 'न्यूयॉर्क टाइम्स' में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक आईएसआईएस के गुर्गे बंधक बना कर रखी गयी लड़कियों को गर्भ निरोधक इसलिए देते हैं ताकि जब उन्हें दोबारा किसी को बेचा जाये तो उसके अच्छे दाम मिल जायें।

वैसे भी आईएसआईएस में यह धारणा भी है कि अगर कोई गुलाम लड़की प्रेग्नेंट है तो उसे न तो बेचा जा सकता और न ही उसके साथ बलात्कार ही किया जा सकता है। आईएसआईएस के बहशियों के चंगुल से भाग कर आई 15 साल की एक लड़की के हवाले से 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने लिखा है उस जैसी तमाम लड़कियों के साथ गर्भ निरोधक गोलियों का एक बॉक्स हमेशा साथ रहता है। यह इस बात का सुबूत होता है कि वो अभी तक प्रेग्नेंट नहीं है। वही गुलाम यज़ीदी लड़कियां एक से दूसरे और फिर तीसरे ग्राहक के हाथ बेची जाती हैं, जो प्रेग्नेंट नहीं होती हैं।

गुलाम यज़ीदी लड़कियाों को बेचे जाने से पहले हर बार उनको साबित करना होता है कि वो प्रेग्नेंट नहीं हैं। कई बार तो उन्हें प्रेग्नेंसी टेस्ट के लिए अस्पताल भी ले जाया जाता है ताकि उनका नया खरीददार संतुष्ट हो जाये। आईएसआईएस के गुर्गे कभी-कभी तो गोली, इंजेक्शन और जैली तीन-तीन तरह के गर्भनिरोधक एक साथ लेने के लिए मजबूर करते हैं। इस काम में आईएसआईएस के गुर्गों के घर की महिलाएं भी उनका साथ देती हैं। उनकी नज़र में गैर मुस्लिम, खास तौर पर ज़ंग में गुलाम बनायी गयी यज़ीदी लड़कियां उनकी जायदाद होती हैं। जिनको बेचने से उनके परिवार को अच्छी-खासी कमाई होती है।