रुद्राभिषेक से सुख-सम्पन्नता की प्राप्ति!

नई दिल्ली (22 फरवरी): वैसे तो भगवान शिव का अभिषेक हमेशा करना चाहिए।  शिवरात्रि (24 फरवरी, 2017) का दिन अभिषेक के लिए कुछ विशेष है। यह दिन भगवान का विशेष रूप से प्रिय माना जाता है। कई ग्रंथों में भी इस बात का वर्णन मिलता है।  धर्मसिन्धू के दूसरे परिच्छेद के अनुसार, अगर किसी खास फल की इच्छा हो तो भगवान के विशेष शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। हम आपको बता रहे हैं  किस धातु और रत्न के बने शिवलिंग की पूजा करने से कौन-सा फल मिलता है।

- सोने के शिव लिंग पर अभिषेक करने से सत्यलोक की प्राप्ति होती है।

- मोती के शिवलिंग पर अभिषेक से रोग नाश होते हैं। जीवन स्वस्थ होता है।

- हीरे के शिवलिंग पर अभिषेक से दीर्घायु मिलती है।

- पुखराज के शिवलिंग से धन-सम्मान मिलती है।

- नीलम के शिवलिंग की पूजा से मान-सम्मान में बढ़ोत्तरी होती है।

- स्फटिक का शिवलिंग समस्त मनोकामनाएं पूरी करने वाला होता है।

- चांदी के शिवलिंग का अभिषेक से पितरों का तर्पण होता है।

- तांबे का शिवलिंग दुर्घटना आदि से रक्षा करता है।

- शत्रुओं के शमन के लिए लोहे के बने शिवलिंग पर अभिषेक करना चाहिए।

- असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए गेंहूं के आटे से बने शिवलिंग का षोडशोपचार पूजन करना चाहिए।

- सभी लौकिक सुख पाने के लिए देसी गाय के दूध से निकले मक्खन से बने शिवलिंग का पूजन करना चाहिए।

- खाद्यान्न की प्राप्ति और फसलों की सुरक्षा के लिए गुड़ से बने शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।