खुलासा! टकराने के कारण नहीं बल्कि इस वजह से डूबा था टाइटैनिक...

नई दिल्ली (2 जनवरी): अभी तक सभी यह जानते थे कि मशहूर जहाज टाइटैनिक बर्फ के पहाड़ से टकराने के कारण डूबा था। लेकिन अब शोधकर्ताओं का मानना है कि शायद टाइटैनिक में पहले आग लगी होगी, जिस वजह से वह कमजोर हुआ था। टाइटैनिक बनाने वाली कंपनी के अध्यक्ष जे. ब्रूस ने जहाज पर सवार अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इस आग के बारे में यात्रियों को कुछ ना बताएं।

अप्रैल 1912 में न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुआ टाइटैनिक अटलांटिक महासागर में डूब गया था। 1,500 से ज्यादा यात्रियों की इस हादसे में मौत हो गई थी।

अब हुआ यह खुलासा...

- अब शोधकर्ताओं ने कहा है कि यह आग तीन हफ्तों तक लगी रही और किसी ने भी इसपर ध्यान नहीं दिया।

- इसी आग के कारण जहाज क्षतिग्रस्त हो गया था। फिर जब सफर के दौरान आइसबर्ग के साथ इसकी टक्कर हुई, तो कमजोर होने के कारण वह डूब गया।

- आग लगने के कारण पतवार के दाहिनी ओर 30 फुट लंबे काले निशान देखे गए।

- यह निशान जहाज की लाइनिंग के उस हिस्से के ठीक पीछे है, जहां आइसबर्ग टकराया था।

- विशेषज्ञों का कहना है कि शायद किसी आग के कारण पतवार के पास यह निशान बना।

- यह आग शायद जहाज के बॉइलर रूम के पीछे बने तीन-मंजिला ईंधन स्टोर में लगी होगी।

- 12 लोगों की एक टीम ने यह आग बुझाने की भी कोशिश की, लेकिन आग उनके काबू से बाहर थी।

- इसके कारण जहाज का तापमान 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

- इसके बाद जब टाइटैनिक आइसबर्ग से टकराया, तब तक आग के कारण स्टील से बनी इसकी पतवार काफी कमजोर हो गई थी।

- इसी वजह से आइसबर्ग के साथ टकराने पर जहाज की लाइनिंग टूट गई।

- शोधकर्ताओं ने कहा कि अब जो चीजें सामने आ रही हैं उससे पता चलता है कि आग, बर्फ और आपराधिक लापरवाही के कारण टाइटैनिक के साथ यह हादसा हुआ था।