'टाइम टेबल वाली रेल कार्गो 20 जनवरी से'

नई दिल्ली (19 जनवरी): रेल के जरिए टाइम टेबल के तहत माल ढुलाई के क्षेत्र में पहली बार कोई बड़ी विदेशी कंपनी देश में कदम रख रही है। इससे इस क्षेत्र में स्पर्धा बढ़ने के साथ किराया घटने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पिछले बजट में टाइम टेबल वाली रेल कार्गो सेवा की घोषणा की थी। इसके बाद 15 जून को शुरू हुई यह सेवा अब सात रूटों पर उपलब्ध है।  इस सेवा में टाइमटेबल का अधिकतम पालन किया गया है। सारे रूट फायदे में चल रहे हैं। हाई स्पीड ट्रेन और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बाद जापान सरकार ने भी इस प्रॉजेक्ट को बढ़ावा देने का फैसला किया है। उसने इसकी जिम्मेदारी एशिया में सबसे बड़ी लॉजिस्टिक कंपनियों में एक 'निपॉन एक्सप्रेस' को दी है, जो मूल रूप से जापानी कंपनी है। 

यह कंपनी 20 जनवरी को दिल्ली से बेंगलुरु के बीच टाइम टेबल वाली रेल कार्गो सेवा की शुरुआत करेगी। पहले जहां दिल्ली-बेंगलुरु के बीच माल ढुलाई में 120-130 घंटे लगते थे, उसे टाइम टेबल सेवा के जरिये 66 घंटे कर दिया गया है और किराया भी ट्रकों का मुकाबला करने वाला होने का दावा किया गया है। कंटेनर डिपो चलाने वाली पब्लिक सेक्टर कंपनी कॉनकोर के अधिकारी ए वासुदेव राव ने बताया, 'माल ढुलाई का किराया भी पहले के मुकाबले तर्कसंगत कर 5-10 फीसदी कम किया गया है। हालांकि अब भी यह ट्रकों के मुकाबले 10 से 15 फीसदी ज्यादा है, फिर भी कम समय और क्वॉलिटी सर्विस के कारण रेल सेवा सस्ती है। इस सेवा के विस्तार पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।' रोड लॉजिस्टिक सेवा की बड़ी कंपनी अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स ने भी इस सेवा में दिलचस्पी दिखाई है। इसके सीईओ अजय गोयल का कहना है कि टाइम टेबल तय हो तो थोड़ा ज्यादा किराया मायने नहीं रखता।