विवादित एप टिक-टॉक भारत में खर्च करेगी 69000000000, अब कैसे बैन करेगी सरकार!

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 अप्रैल):  अश्लील और हिंसक वीडियो के लिए भारत में विवादित हो रहे शॉर्ट वीडियो एप्लीकेशन टिक टॉक ने भारत में  छह हजार नौ सौ करोड़ रुपये निवेश करने का ऐलान किया है। ऐसे में यह सवाल उठने लगे हैं कि जिस एप्लिकेशन को अदालती आदेश के बाद गूगल प्ले स्टोर से ही हटवा दिया गया अब उसे सरकार देश में निवेश की अनुमति कैसे देगी।  टिक-टॉक की एप्लिकेशन लॉंच करने वाली कंपनी का नाम  बाइटडांस है। बाइट डांस ने कहा है कि वो भारत में बड़ा निवेश करने जा रही है।

बाइटडांस को दुनिया के सबसे वैल्यूएबल स्‍टार्टअप के तौर पर जाना जाता है और इसमें सॉफ्टबैंक, जनरल एटलांटिक, केकेआर और सेकोइया जैसे निवेशकों का पैसा लगा है। मद्रास हाईकोर्ट ने 3 अप्रैल को टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र सरकार को आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि मीडिया रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई है कि टिकटॉक पर पोर्नोग्राफी और इस तरह के कंटेंट युवाओं को आसानी से उपलब्‍ध कराए जा रहे हैं। मुद्रास हाईकोर्ट के ऑर्डर पर स्‍टे लगाने से सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद गूगल और एप्‍पल ने टिकटॉक को अपने एप स्‍टोर से हटा दिया।

सुप्रीम कोर्ट में इस पर अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी इसके बाद 24 अप्रैल को मद्रास हाईकोर्ट में अगली सुनवाई होगी। बाइटडांस की डायरेक्‍टरहेलेना लर्श ने कहा कि कंपनी पिछले कई महीनों से अपनी कंटेंट मॉडेरेशन पॉलिसी को मजबूत बनाने का काम कर रही है। पिछले दिन टिकटॉक ऐप को लेकर हुए मामले से कंपनी को चिंता है। लेकिन भारतीय बाजार को लेकर उन्हें काफी उम्मीदें है। हम अपने भारतीय यूजर्स के लिए प्रतिबद्ध बने रहेंगे। कंपनी के तौर पर, हम भारत में अगले तीन साल में एक अरब डॉलर का निवेश करने की योजना पर काम कर रहे हैं।भारत में बड़ा रोज़गार देने की योजना-उन्‍होंने कहा है कि कंपनी भारत में अपने कर्मचारियों की संख्‍या भी बढ़ा रही है और इस साल के अंत तक इनकी संख्‍या 1,000 तक पहुंच जाएगी। वर्तमान में 250 कंटेंट मॉडरेटर काम कर रहे हैं। टिकटॉक, जो यूजर्स को शॉर्ट वीडियो बनाने और उसे शेयर करने की अनुमति देता है, के भारत में 12 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं और यह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है।