6 दिसंबर: अभेद्य सुरक्षा में कैद हुई अयोध्या, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (5 दिसंबर): अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने की तिथि 6 दिसंबर को लेकर रामनगरी को अभेद्य सुरक्षा घेरे में कैद कर दिया गया है। मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर सुरक्षा की कमान आरएएफ व पीएसी के हवाले कर दी गई है।अयोध्या में शांति व सुरक्षा के मद्देनजर प्रमुख स्थलों के साथ ही भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मजिस्ट्रेटों की खास नजर रहेगी। देहात क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने की तिथि 6 दिसंबर पर बाबरी एक्शन कमेटी के यौम-ए-गम और विहिप के विजय दिवस सहित अन्य संगठनों द्वारा कार्यक्रम करने के एलान को लेकर जिले भर में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दर्शन-पूजन से कोई रोक नहीं है, लेकिन सुरक्षा व शांति से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


6 दिसंबर को कई हिंदू संगठनों द्वारा किए गए आयोजनों के एलान को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। राम जन्मभूमि की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरियर कर पहरेदारी सख्त कर दी गई है। पुलिस महकमे ने राउंड द क्लॉक जांच व तलाशी का अभियान शुरू कर दिया है। रामनगरी समेत पूरे जिले में बुधवार को सघन तलाशी एवं चेकिंग अभियान चलाया गया।
एसपी सिटी अनिल सिंह ने बताया कि जिले में पहले से ही धारा 144 लागू है। सुरक्षा के लिहाज से छह कंपनी पीएसी, दो कंपनी आरएफ, चार एडिशनल एसपी, 10 डिप्टी एसपी, 10 इंस्पेक्टर, 150 सब इंस्पेक्टर, 500 सिपाही सहित डॉग स्क्वॉयड, बम स्क्वॉयड व खुफिया विभाग की टीमें लगाई गई हैं।


बाबरी मस्जिद के पक्षकार मो. इकबाल को जान से मारने की धमकी मिली है। उन्हें मंगलवार को देर शाम कोटिया स्थित आवास के पते पर स्पीड पोस्ट के माध्यम से धमकी भरा पत्र भेजा गया। पत्र में उनसे बाबरी मस्जिद का दावा छोडऩे को कहा गया है और ऐसा न करने पर उनके सहित अयोध्या के सभी मुस्लिमों को जान से मारने की धमकी दी गई है। प्रेषक के तौर पर समस्तीपुर निवासी लालू यादव का नाम अंकित है। इकबाल ने पत्र के बारे में मीडिया सहित खुफिया विभाग के लोगों को जानकारी दी है पर पुलिस को इसकी जानकारी देने की जरूरत नहीं समझी। यह पहला मौका नहीं है, जब उन्हें धमकी मिली है। गत माह ही उन्हें अमेठी निवासी सूर्यप्रकाश सिंह ने पत्र भेजकर ऐसी ही धमकी दी थी। पुलिस ने सूर्यप्रकाश के खिलाफ अभियोग पंजीकृत उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।