'टाइट जींस के शौकीनों में बढ़ जाते हैं नामर्दी के लक्षण'

नई दिल्ली (15 जनवरी): आगरा में इकट्ठे हुए देश भर के डॉक्टर इस बात पर चर्चा कर रह हैं कि क्या जींस और लैपटॉप को पैरों पर रख कर काम करने से पुरुषों में 'इंपोटेंसी' यानी नामर्दी के लक्षण बढ़ जाते हैं। ज्यादातर डॉक्टर्स का कहना था जी हां टाइट जींस और लैपटॉप को पैरों पर या गोद में रख कर काम करने वाले लोगों में इम्पोटेंसी के लक्षण बढ़ जाते हैं।डॉक्टरों ने इन हालातों पर चर्चा की।

गायनोकॉलोजिस्ट और आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. नूतन जैन ने बताया कि पहले पुरुषों में फर्टिलिटी रेट यानि स्पर्म काउंट 150 मिलियन व इससे ऊपर माने जाते थे। धीरे-धीरे यह गिरकर 40 से 140 मिलियन के बीच रह गए। हाल ही में डब्लू एच ओ ने स्पर्म काउंट की संख्या महज 20 मिलियन बताई है, मगर युवाओं में इससे भी कम स्पर्म काउंट होने की शिकायतें देखी जा रही हैं।

डॉ. नूतन बताती हैं कि इसका सबसे बड़ा कारण पुरुषों की लाइफ स्टाइल बदलने और उनका पहनावा है। वे कहती हैं कि जींस कल्चर उनके स्पर्म को कम कर रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि लैपटाप को पैरों पर रखकर काम करने से नीचे का तापमान लगभग 1.5 से 2.0 डिग्री तक बढ़ जाता है। इसी तरह जींस में नीचे जेब में मोबाइल रखने से भी नीचे का तापमान सामान्य से अधिक रहता है। सामान्य से तापमान अधिक होने पर स्पर्म कम होने लगते हैं। लगातार स्थिति बनी रहने से स्पर्म बढ़ना बंद हो जाते हैं और नामर्दी बढ जाती है।