वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से आया तूफान, देश के कई राज्यों में मची तबाही

नई दिल्ली(8 मई): दिल्ली NCR में आए तूफान की वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस को बताया जा रहा है। लेकिन ये वेस्टर्न डिस्टर्बेंस होता क्या है और कैसे ये तूफान के हालातों कों पैदा करता है।गर्मियों के मौसम में बदलाव अक्सर होते हैं लेकिन इस बार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बड़ा है जो तूफान का सबसे बड़ा कारण हैं और जब ध्रुविय क्षेत्र से आने वाली ठंडी हवा नमी से भरी गर्म हवा से मिलती है जिससे उच्च दबाव वाला क्षेत्र बनता है जो तूफान के लिए सबसे अनुकूल परिस्थिति होती हैं और ऐसे ही हालात हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों में हैं।लेकिन तूफान में धूल का बवंडर कैसे आता उसका भी अगल कारण है जिसे आप और हम सब रेतीले तूफान के नाम से जानते हैं। अब से रेतीले तूफान आने कारण क्या है। दरअसलरेतीला तूफान रेतीले क्षेत्रों में आने वाले तेज तूफान को कहा जाता है। जिसमें तेज हवा जमीन से रेत की ऊपरी परत को उठा लेती है और इसे हर दिशा में धकेलती है साथ ही इसमें एक रेत का गुबार तेज गति से हवा में घूमता है।ये सामान्य तूफान की तरह होता है, लेकिन इसमें मिट्टी की मात्रा अधिक होता है। ये तूफान कई फीट ऊंचा हो सकता है और कई बार इसकी ऊंचाई हज़ार फीट तक भी हो सकती है। जिसकी रफ्तार 25 मील प्रति घंटा यानि 50 किलो मीटर तक हो सकती है।  लेकिन क्या इसका असर जुलाई में आने वाले मानसून पर पड़ेगा तो मौसम जानकारों का कहना है कि इसका मानसून से सीधा संबंध नहीं होता है ये बदलाव इस सीज़न में आम बात है।