देश के कई हिस्सों में तूफान ने मचाई तबाही, 41 से ज्यादा लोगों की मौत

नई दिल्ली(14 मई): यूपी के लिए एक बार फिर तूफान कहर बनकर आया। दिल्ली-एनसीआर में भी धूल भरी तेज आंधी आई लेकिन यूपी में इसने सबसे ज्यादा तबाही मचाई। कहीं तूफान से तो कहीं आकाशीय बिजली से कोहराम मचा। तेज हवाओं ने आग सुलगाने का काम भी किया। देस के अलग-अलग हिस्सों में आए तूफान से 41 लोगों की मौत हो गई।आंधी इतनी तेज थी कि जगह-जगह सड़कों पर आकर पेड़ ढेर हो गए। दिल्ली में पेड़ के गिरने से एक महिला जबकि दीवार गिरने से एक आदमी की जान चली गई। दिल्ली-एनसीआर में 109 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली।दिल्ली से सटे फरीदाबाद में भी तेज आंधी ने खूब कहर बरपाया। जगह-जगह पेड़ और दीवार गिरने से करीब 12 लोग बुरी तरह घायल हो गए। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में से 2 की गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया गया।आंधी के चलते गाजियाबाद के लालकुआं इलाके में एक पेड़ वहां से गुजर रही कार पर आ गिरा। इसके चलते कार के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में कार में सवार 7 लोगों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक शख्स की बाद में दम तोड़ने की खबर है। बाकी घायलों को गाड़ी से किसी तरह निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।यूपी में तो आंधी-तूफान ने हाहाकार मचा दिया। इसकी चपेट में आकर रविवार को 18 लोगों की जान चली गई। बिजनौर इलाके के इच्छावाला ग्राम पंचायत में तेज आंधी के चलते बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। आंधी से यहां चूल्हे से निकालकर रखी गई राख की चिंगारी भड़क उठी और फिर देखते ही देखते उसने कई झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। लोग जब तक आग पर काबू पाते 7 झोपड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थीं।आग से दस महीने के एक बच्चे के साथ ही दो मवेशी भी बुरी तरह झुलस गए। इसके अलावा झोपड़ियों में रखे अनाज, कपड़े-नकदी समेत सभी सामान स्वाहा हो गए।