नेपाल में इस 3 साल की बच्ची को मिला देवी का दर्जा, किशोरी होने तक होगी पूजा

नई दिल्ली (29 सितंबर): नेपाल की राजधानी काठमांडू में तीन साल की बच्ची को नई कुंवारी का दर्जा दिया गया है और अब उसकी प्राचीन संस्कृति के मुताबिक पूजा की गई। ये उस वक्त किया गया जब पूर्ववर्ती लड़कियां किशोरावस्था में प्रवेश कर गईं। नेपाल में ये पुरानी परंपरा है, जिसके मुताबिक जीवित देवी के तौर पर बच्ची की पूजा की जाती है। तीन साल की बच्ची को पुरोहित ने बृहस्पतिवार को कुंवारी देवी नियुक्त किया। तृष्णा शाक्या नाम की बालिका का एक समारोह के दौरान नई कुंवारी देवी के रूप में अभिषेक किया गया।

जहां से उन्हें अपने पैतृक घर से प्राचीन दरबार स्क्वायर स्थित पुराने महल में लाया जाएगा। यहां उनकी विशेष रूप से नियुक्त लोगों द्वारा देख-रेख की जाएगी। बच्ची को जीवित देवी के रूप में पूजे जाने की नेपाल में प्राचीन परंपरा है। चूंकि इससे पहले की कुंवारी मैटिन शाक्या अपने युवावस्था में आ गई थीं, इसलिए नई कुंवारी को स्थान देना जरूरी हो गया था। 

पुजारी उद्धव मान कर्माचार्य ने कहा कि नई नियुक्त कुंवारी शाक्या को चार लड़कियों में से चुना गया है। विशेष परिधान में श्रृंगार कर कुंवारी को पूजापाठ तथा धार्मिक अनुष्ठान के साथ उनके सिंहासन के पास ले जाया जाएगा। शाक्य का एक बार देवी के रूप में अभिषेक होने पर उन्हें मात्र 13 बार ही विशेष अवसरों पर महल को छोड़ने की अनुमति होगी और उन्हें देवी तलाजू का अवतार माना जाएगा। इसके बाद उनके पैर जमीन पर छूने की अनुमति नहीं होगी। शाक्या एक जुड़वा भाई कृष्णा को छोड़कर महल में रहने जा रही हैं। 

हिंदू और बौद्ध धर्मों को जोड़ती नेवार की इस ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार कुंवारी देवी नेपाल के तीन राजवंश काठमांडू, पाटण और भक्तपुर का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह परंपरा ऐतिहासिक रूप से शाही परिवार से जुड़ी है, जोकि वर्ष 2008 में नेपाल में राजशाही के खत्म होने के बाद से भी जारी है। 

वहीं तृष्णा के पिता विजय रतन शाक्या का कहना है कि  ‘मेरे लिए एक मिलाजुला अनुभव है। मेरी बेटी कुंवारी देवी बन रही है और यह एक अच्छी बात है। लेकिन दुख यह है कि वह हमसे अलग रहेगी।’