महिला आईपीएस अधिकारियों ने कहा, महिला विरोधी हैं फिल्मी डायलॉग

नई दिल्ली ( 4 मई ): तमिलनाडु की तीन महिला आईपीएस अधिकारियों ने कहा कि फिल्मी डायलाॅग महिला विरोधी हैं। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के लिए फिल्मों को जिम्मेदार ठहराया है। फिल्मों के डायलॉग्स और गीतों को 'महिला विरोधी' बताने वाली अधिकारियों ने वीडियो मैसेज के जरिए अपील की है कि लेखक गीत और संवाद लिखते समय अपनी समय मां और बहन के बारे में भी सोचें। यह वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।


कोयम्बटूर की डीसीपी (लॉ ऐंड ऑर्डर) एस. लक्ष्मी, एसपी राम्या भारती और तिरूप्पुर की डीसीपी दिशा मित्तल ने फिल्म इंडस्ट्री से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।


वीडियो में राम्या कह रही हैं, 'फिल्मों के डायलॉग और गीत, चाहें पॉजिटिव हों या निगेटिव, युवाओं की सोच और व्यवहार पर असर डालती हैं। हर 24 घंटे में हमें औसतन एक दर्जन शिकायतें दुर्व्यवहार, हमला और पीछा करने से जुड़ी हुई मिलती हैं।


डीसीपी एस लक्ष्मी ने कहा है, 'हम ऐसे डायलॉग और गीत देखते हैं जिससे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचता है। यह समाज के लिए ठीक नहीं है। हम फिल्म निर्माताओं से अपील करते हैं डायलॉग और गीत लिखते समय अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार रहें। अपनी मां और बहनों के बारे में सोचें।'


आईपीएस दिशा मित्तल कहती हैं, 'मैं कोई नाम नहीं लूंगी। लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से कई ऐसी घटनाएं देख चुकी हूं जिनमें अपराधियों ने किसी फिल्म की पटकथा, किसी प्रोग्राम के डायलॉग या फिर गानों से प्रभावित होकर वारदात को अंजाम दिया।'