पश्चिम बंगाल: टॉय ट्रेन स्टेशन में तोड़फोड़, TMC का दफ्तर जलाया, 3 की मौत

कोलकाता(9 जुलाई): अलग राज्य की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में 3 लोगों के मारे जाने के बाद हिंसा फिर भड़क गई है। गोरखालैंड के समर्थकों ने टीएमसी के ऑफिस और एक पुलिस की गाड़ी को जला दिया। प्रदर्शनकारियों ने टॉय ट्रेन के लिए मशहूर दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के स्टेशन पर वेटिंग रूम को फूंक दिया और वहां रखे फर्नीचर से तोड़-फोड़ की।

- जीजेएम ने कहा कि ताशी भूटिया को शुक्रवार की रात सोनादा में पुलिस ने गोली मारी। शनिवार की सुबह दार्जिलिंग में सूरज संदास की पुलिस फायरिंग में मौत हुई। शनिवार को ही तीसरे व्यक्ति समीर गुरुंग की भी पुलिस फायरिंग में सिर पर गोली तब मारी गई, जब वह पुलिस की गोली का निशाना बने सूरज संदास को श्रद्धांजलि देने जा रहा था। पुलिस स्टेशन में भी तोड़-फोड़ की गई। दार्जिलिंग और सोनादा में हिंसा के मद्देनजर सेना तैनात की गई है।

- प्रदर्शनकारियों ने 2 वाहनों में भी आग लगा दी और कलिमपोंग में गोरुबथान में फॉरेस्ट रेंज अफसर के ऑफिशिल क्वॉर्टर में भी आग लगा दी गई। दार्जिलिंग में फिर से नए रूप में भड़की हिंसा से ममता सरकार की चुनौतियां बढ़ सकती हैं, जो पहले ही नॉर्थ 24 परगना के बशीरहाट में हुई हिंसा से जूझ रही है। बीजेपी जेजीएम की साझेदार है। ममता ने कहा कि दार्जिलिंग में हिंसा पूर्व नियोजित है। हिंसा से विदेशी तार भी जुड़े हैं।

-जून के पहले हफ्ते से बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों समेत दार्जिलिंग उबल रहा है। जीजेएम ने राज्य के स्कूलों में बांग्ला को अनिवार्य करने के विरोध में आंदोलन छेड़ा था। इसके बाद जेजीएम ने अपनी पुरानी गोरखालैंड की मांग छोड़ दी और ममता सरकार से बातचीत करने से इनकार कर दिया। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने जॉर्ज बाजार में टीएमसी के ऑफिस को आग लगा दी। पुलिस पर भी पत्थरबाजी हुई। शनिवार को दार्जिलिंग में अनिश्चितकालीन बंद का 24वां दिन था।

-जीजेएम के सहमहामचिव बिजय तमांग ने कहा कि राज्य सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों में आतंक फैलाया हुआ है। दार्जिलिंग के बीजेपी सांसद एस. एस. अहलूवालिया भी उनकी मांग से सहमत दिखे। बिजय ने कहा कि ममता बनर्जी लोगों की मांग मानने को तैयार ही नहीं हैं। पर्वतीय क्षेत्र की पार्टियां पहाड़ों से सुरक्षा बलों को हटाने की मांग कर रही है।