जाट नेताओं का ऐलान, 20 मार्च को दिल्ली आने वाले सभी रास्तों को करेंगे बंद

नई दिल्ली ( 2 मार्च ): हरियाणा में नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जाट आंदोलनकारी गुरुवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए। जाट नेताओं ने साथ ही 13 मार्च से असहयोग आंदोलन की घोषणा की है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के मुताबिक प्रदर्शनकारी संसद का भी घेराव करेंगे। संसद घेराव की तारीख का ऐलान प्रदर्शन के दौरान किया जाएगा। जाट नेताओं ने कहा कि 20 मार्च को दिल्ली आने वाले सभी रास्तों को बंद करेंगे। 

मलिक ने कहा कि हरियाणा, यूपी, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और अन्य प्रदेशों से करीब 50 लाख जाट दिल्ली पहुंचे हैं। हरियाणा के कई शहरों में जाट पिछले कुछ दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वो बिजली-पानी के बिल और सरकार से मिले कर्ज की किश्तें न भरकर असहयोग आंदोलन भी चला रहे हैं।

दिल्ली कूच के सवाल पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता यशपाल मलिक ने कहा, '33 दिन से 10 लाख से ज़्यादा लोग धरने पर बैठे हैं' जब उससे कोई हल नहीं निकला तो हमें मजबूरन दिल्ली में प्रदर्शन कर घेराव की रणनीति घोषित करनी पड़ी।'

खबरों के मुताबिक यशपाल मलिक ने कहा कि 20 मार्च को 50 लाख लोगों के दिल्ली आने की संभावना है। ये सभी लोग अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली और खाने-पीने का इंतज़ाम करके आएंगे। इसी से केंद्र सरकार की आंख खुलेगी। वो कहते हैं कि जब दिल्ली में लाखों जाट अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर जुटेंगे तभी केंद्र सरकार को अहसास होगा कि हरियाणा में जाटों के साथ हो रहे अन्याय पर कुछ कदम उठाए, क्योंकि प्रदेश और केंद्र में एक ही पार्टी सरकार में है।

राज्य में जाट आरक्षण का मामला अभी हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट में लंबित है।