शहीद सैनिक को अंतिम विदाई देने उमड़े हजारों कश्मीरी

नई दिल्ली ( 24 फरवरी ):  दक्षिण कश्मीर के शोपियां में गुरुवार सुबह हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के घात लगाकर किए गए हमले में शहीद लांस नायक गुलाम मोहिउद्दीन राथर को शुक्रवार को अंतिम विदाई दी गई। शहीद लांस नायक गुलाम मोहिउद्दीन राथर को अंतिम विदाई देने के लिए कश्मीर की सड़कों पर हजारों लोग नम आंखों से उतर आए।

पिछले महीने अपने बेटे आहिल का पहला जन्मदिन मनाकर जब राथर ने बिजबेहारा के मरहामा गांव का अपना घर छोड़ा था तब किसी को नहीं पता था कि वे उन्हें आखिरी बार देख रहे हैं। शुक्रवार को जब तिरंगे में लिपटे इस शहीद का शव उनके घर लाया गया तो न केवल उनकी गली या गांव, बल्कि पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। जिससे उनका परिचय था वह भी और जिससे नहीं था वह भी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए वहां मौजूद था।

दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों ने गुरुवार सुबह सेना की पट्रोलिंग पार्टी पर घात लगाकर यह हमला किया जिसमें 3 जवान शहीद हुए थे और 7 घायल हो गए थे। 34 वर्षीय शहीद राठेर 4-जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री का हिस्सा थे और राष्ट्रीय राइफल्स की 44वीं बटालियन में तैनात थे।

इस दौरान मौलवी ने देश के लिए शहीद की वीरता और निस्वार्थ सेवाभाव का जिक्र करते हुए गांववालों को संबोधित किया। इस मौके पर प्रशासन और सेना के अधिकारी वहां मौजूद थे।