सच होने जा रही है हजारों साल पहले लिखी गयी ये बातें...!

नई दिल्ली (6 मार्च):  कलयुग का जिक्र वर्षों पहले श्रीकृष्ण ने कर दिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने कलयुग की परिभाषा के बारें में भी विस्तार पूर्वक बताया था। कलयुग मतलब अंधेरे का युग। जब-जब धर्म की हानि होती है, ईश्वर अवतार लेकर अधर्म का अंत करते हैं। गीता में कहा है- एक दिन ऐसा आएगा… हंस चुनेगा दाना दुनका, कौआ मोती खाएगा। जिका अर्थ है कि, जब पापियों से धरती भर जाएगी, धर्म- अधर्म में बदल जाएगा। तब धर्म की रक्षा के लिए मैं (भगवान कृष्ण यानि विष्णु) अवतार लूंगा। सतयुग, त्रेता, द्वापर के बाद कलियुग के लिए बताया गया है। 

कलयुग में अधर्म, धर्म पर ज्यादा भारी पड़ेगा। जिसके अंत के लिए भगवान विष्णु का कल्कि रूप में दसवां अवतार होगा।

कल्कि अवतार के समय के विषय में दक्षिण भारतीय ज्योतिषी बताते हैं कि कल्कि के  जन्म के समय चन्द्रमा धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में होगा। सूर्य तुला राशि में स्वाति नक्षत्र में होगा। गुरू स्वराशि धनु में और शनि अपनी उच्च राशि तुला में होगा।

कलयुग के बारें में कुछ बातें बताई गई हैं जैसे .. कलयुग में जिस व्यक्ति के पास जितना धन होगा वो उतना गुणी माना जाएगा और कानून, न्याय केवल एक शक्ति के आधार पर लागू किया जाएगा।लोग भूख-प्यास और कई तरह की चिंताओं से व्याकुल और दुखी रहेंगे। जीवनभर मनुष्य को अनेक बीमारियां घेरे रहेंगी। कलयुग में मनुष्य कम उम्र में ही मृत्यु हो जाएगी। ब्रह्मपुराण में उल्लेखित है कि कलयुग की अवधि, 43 हजार साल से भी ज्यादा है। इस दौरान, मनुष्य जाति का पतन होगा, लोगों में दुर्भावना और द्वेष बढ़ेगा। इसका विनाश करने के लिए भगवान विष्णु कल्कि का रूप धारण करेंगे।