पाक सरकार और मुल्ला-मौलवियों की परवाह किये बगैर घर-घर जाकर कॉंडम बेचती है ये महिला

नई दिल्ली (3 जून): एक तरफ जहां कठमुल्लापंथी पाकिस्तान की सरकार ने कॉंडमके विज्ञापन पर रोक लगा दी है वहीं सिंध प्रांत के एक गांव में रहने वाली समीना घर-घर जाकर कॉंडम बेचती है और लोगों सुरक्षित यौन संबंध और परिवार नियोजन की जानकारी देती है। पाकिस्तानी अखबार द गार्जियन के मुताबिक़, 25 साल की समीना ने गांव का ख़याल रखने का जिम्मा अपने कन्धों पर लिया है। वो घर-घर जाकर , गर्भ निरोधक गोलियां, और गर्भ रोकने के साधन के मुफ्त सैंपल बांटती है। रोज सुबह 8 बजे काम में जुट जाती है। और शाम 4 बजे फुर्सत पाती है।

समीना मार्जिनलाइज्ड एरिया रिप्रॉडक्टिव हेल्थ वायबल इनिशियेटिव यानी मार्वी की रतों की बेहतरी के लिए काम करती है। इसमें कम पढ़ी लिखी,या अनपढ़ औरतें हैं। जो घर-घर जाकर लोगों को कम बच्चे पैदा करने का महत्व समझाती हैं। ये औरतें 18 से 40 की उम्र के बीच होती हैं। पूरे एशिया में, जिन देशों में जन्म देते हुए सबसे ज्यादा औरतों की मौत होती है, पाकिस्तान उनमें से एक है। पाकिस्तान का बर्थ रेट दुनिया में छठे नंबर पर है।

पाकिस्तानी औरतें गर्भ निरोधक का उपयोग कम ही करती हैं। 15 से 49 की उम्र की औरतों में से केवल 35 फीसदी औरतें गर्भ निरोधक यूज करती हैं। शहरों में एक औसत औरत 3 से ज्यादा बच्चे पैदा करती है। गांव में 4 से ज्यादा। पाकिस्तान में गर्भ निरोधन धार्मिक मुद्दा बन गया है। मार्वी की औरतें मौलवियों के पास जाती हैं। उन्हें समझाती हैं कि फैमिली प्लानिंग क्यों जरूरी है। बीते दिनों पाकिस्तान में टीवी और रेडियो पर कॉन्डम और गर्भ रोकने वाले प्रोडक्ट्स पर ये कहते हुए बैन लगा दिया था कि इससे बच्चों के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है।