15 सालों से तंत्र साधना कर रही है जर्मनी की ये महिला

लखनऊ(6 फरवरी): वाराणसी में इन दिनों के एक तंत्र साधिका सुर्खियों में हैं, जर्मनी की रहने वाली ये साधिका सुजाना बीते 15 सालों से तंत्र साधना की प्रैक्टिस कर रही हैं। वहीं तंत्र साधना पर सुजाना ने एक किताब भी लिख चुकी है।

 

वाग्योग चेतना पीठ में तंत्र की दीक्षा ले चुकी सुजान के लिए अब तंत्र साधना ही जिंदगी की एकमात्र मंजिल है। सुजान बीते ढेड़ दशक से तंत्र साधना को जानने,समझने के साथ उसकी प्रैक्टिस भी कर रही है।

तंत्र साधना में पूरी तरह से डूब चुकी सुजान के एक जर्मनी के एक कारोबारी परिवार से आती हैं। जो खुद एक बड़ी कंपनी में लाखों रुपयों की नौकरी करती थी, लेकिन सुजान का मन कहीं और भटक रहा था। अंर्तमन की प्यास और जीवन में सत्य की खोज सुजान को बाबा विश्वनाथ नगरी तक ले आई, जहां सुजान के एक नए सफर का आगाज हुआ।

काशी में सुजान की मुलाकात गुरु वागीश शास्त्री से हुई, जिसके बाद सुजान ने गुरूजी से तंत्र साधना की दीक्षा ली। सुजान का उपनयन संस्कार भी हुआ है, और अब सुजान पूरी तरह से सात्विक हैं। सुजान तंत्र साधना पर एक किताब भी लिख चुकी हैं।

सुजान तंत्र साधना के बारे में बेहद विस्तार से बताती हैं।  सुजान को तंत्र साधना की अलग अलग विधियों की पूरी जानकारी हैं। इसके साथ ही वो लोगों को तंत्र दीक्षा भी देती हैं। सुजान के मुताबिक आत्मा को एनर्जी से कनेक्ट करना ही शक्ति पात है। वहीं कुंडलिनी जागृत करना सिद्ध तंत्र योग है, जिसका फायदा हर करने वाले को मिलता है।