ये है 'उसूलों वाला' चोर, औरतों को परेशान नहीं करता!

विनोद जगदाले, मुंबई (11 मई): ये खबर एक ऐसे 'चोर' की है जो है तो चोर, लेकिन उसकी शराफ़त पर बड़े बड़े सच्चे लोग गश खा जाएं। पुलिस के कप्तान साहब उसके किस्से सुनसुन कर सिर झुकाए जा रहे थे, सोच रहे थे कि कहीं गलत आदमी तो नहीं पकड़ लिया। कभी सुना है ऐसा उसूलों वाला चोर जो सिर्फ जरुरत की चीजें चुराए और फिर फोन करके उसके मालिक को खबर भी करे।

चोर तो बहुतेरे हुए हैं जिनके अनोखे आयडिया वाली चोरी के किस्सों की चोरी करके लोगों ने उनकी फिल्में तक बना डालीं। लेकिन अन्ना जैसा चोर। जनाब न आपने देखा होगा न सुना होगा ऐसा दिलदार चोर है अन्ना। चोर लिखने बोलने में भी हमें चार बार सोचना पड़ रहा है। अन्ना चोरी करता है लेकिन उसके अपने उसूल हैं। उसका पहला उसूल है महिलाओं की इज्जत। वो चोरी के दौरान महिलाओं से कभी बदतमीजी से पेश नहीं आता। और तो और वो उनके कान की बालियां भले उतरवा ले, कंगन भले निकलवा ले, लेकिन मंगलसूत्र को हाथ भी नहीं लगाता। चोरी के धंधे में ऐसी शराफत कभी सुनी है आपने।

मुंबई से सटे ठाणे के पुलिस कप्तान ने चोरी के मामले में जब अन्ना को दबोचा। तो वो भी पूछने लगे भाई चीज क्या हो तुम। अन्ना ने एक ज्वेलर के यहां चोरी की। लेकिन सोने के जेवरात नहीं उठाए। हीरे वाले नहीं उठाए। सिर्फ चांदी के जेवरात भरे। मतलब जरूरत जैसी चोरी वैसी। और चोरी के बाद बाकायदा ज्वेलर को फोन किया। कि सेठजी मैंने तुम्हारे दुकान में चोरी कर ली है। अब बाकी का माल संभालों कहीं कोई दूसरा चोर कीमती गहने न ले उड़े। जाओ नए ताले लगा लो।

कोई आलतू फालतू गिरहकट भी नहीं है अन्ना। पुलिस ने जब उसके ठिकाने पर दबिश दी तो ठिकाने से 2 पिस्तौल के साथ 2 देसी कट्टे बरामद हुए। इसके अलावा 51 जिंदा कारतूस, 2 मैग्जिन, 3 खंजर भी मिले। इसके अलावा सिर्फ आवाज करने वाला नकली रिवॉल्वर भी मिला।

अन्ना का एक साथी रमेश कंचन दास भी गिरफ्त में आया है। दोनों की जुगलबंदी ऐसी है कि क्या बिरजू महाराज और जाकिर हुसैन की बनती होगी। हर बार चोरी की नई धुन निकालते थे। ऐसा-वैसा नहीं है अन्ना। बीकॉम पास है। सात बैंक एकाउंट मिले हैं। लेकिन कॉमर्स में ग्रेजुएशन के बाद वो चोरी में मास्टर्स करने लगा। सिर्फ 6 महीने में तेरह कांड कर दिए । लेकिन कभी अपने उसूलों से डिगा नहीं। हो सकता है आपको अन्ना से हमदर्दी हो रही हो लेकिन लेकिन पुलिस कहती है कि उसके उसूलों से इंसाफ पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।अन्ना को उसके गुनाहों की बराबर सजा मिलेगी।