इस मुस्लिम योगगुरु ने लोगों के सामने पेश की अद्भुत मिसाल

नई दिल्ली (21 जून): भारत समेत देश के करीब 150 देश आज तीसरा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। इस मौके पर देश भर में करीब पांच हजार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आज यूपी की राजधानी लखनऊ के रमाबाई मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों के बीच योग आसन किए।


योग को लेकर कई बार विवा दो भी हो चुका है। तो वहीं कोच्चि के सियाद वीएस नामक एक मुस्लिम युवक ने ईमानदारी और निष्ठा का अद्भुत उदाहरण पेश किया है।



एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि योग के प्रति लगाव और सीखने की ललक को देखते हुए उनके योगगुरु उन्हें एक शर्त पर योग सिखाने के लिए तैयार हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि सियाद ने वादा किया कि वह दूसरों को कभी यह महसूस नहीं होने देंगे कि उन्होंने योग का अपमान किया है। अपने गुरु से वादा करने के बाद उन्होंने योग सीखना शुरु किया और एक समर्पित योगी बन गए।


सियाद ने बताया कि योग ने किसी भी तरह से उनकी मजहबी जिम्मेदारियों को प्रभावित नहीं किया। उन्होंने कहा, 'मैं योग के साथ-साथ अपने मजहब से जुड़े सभी क्रिया-कलापों को भी करता हूं।' सियाद ने कभी किसी को योग और मजहब पर उंगली उठाने का मौका नहीं दिया।