संसदीय सचिव विवाद: विधायक के घर में एसी, बेड नहीं, बोले, ये है ऑफिस ऑफ प्रॉफिट

नई दिल्ली(15 जून): संसदीय सचिव बनाए गए आप के 21 विधायकों की मेंबरशिप ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के दायरे में आने के विवाद के बीच पार्टी के एक विधायक प्रवीण कुमार(28) ने मीडिया को अपना घर दिखाया। प्रवीण जिस घर में रहते हैं, उसमें सिर्फ दो कमरे हैं, इसमें न तो एसी है और न वॉटर कूलर।

उनके मुताबिक एक कमरे में ऑफिस है, दूसरे में वे चार दोस्तों के साथ जमीन पर सोते हैं। बीजेपी पर तंज कसते हुए प्रवीण ने कहा की बीजेपी आकर देखे, ये है मेरा ऑफिस ऑफ प्रॉफिट। प्रवीण जंगपुरा के दो कमरों के मकान में 10 हजार रुपए महीने के किराए पर रहते हैं। उनके साथ चार दोस्त भी यहीं रहते हैं। 

प्रवीण दूसरी बार एमएलए बने हैं। घर दिखाते हुए वो कहते हैं कि मैं इस फ्लैट में चार दोस्तों के साथ चार साल से रह रहा हूं। हमने एक रूम को ऑफिस बनाया है जबकि दसरे रूम में हम फर्श पर सोते हैं। बीजेपी को मेरा ऑफिस ऑफ प्रॉफिट और फैन्सी बंगलो देखना चाहिए। प्रवीण कुमार आप के उन विधायकों में शामिल हैं जिन्हें संसदीय सचिव बनाया गया था। ऐसे सचिवों की अप्वाइंटमेंट से जुड़े बिल को प्रेसिडेंट से मंजूरी नहीं मिली है। प्रवीण एजुकेशन मिनिस्ट्री के साथ बतौर संसदीय सचिव काम करते हैं।

पिछले साल 24 जून को दिल्ली सरकार 21 MLAs को पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी अप्वाइंट करने पर मुहर लगाता बिल लाई थी। इसमें कहा गया था कि इन विधायकों को पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी अप्वाइंट किए जाने पर इसे लाभ के पद (ऑफिस ऑफ प्रॉफिट) का मामला न माना जाए। 

बीजेपी और कांग्रेस ने इस पर एतराज जताया था। दोनों पार्टियों ने कहा था कि केजरीवाल अपने एमएलए को फायदा देने के लिए ऐसा कर रहे हैं। सोमवार को प्रेसिडेंट ने इस बिल को लौटा दिया। अब इन विधायकों की सदस्यता भी जा सकती है।