यहां 50 रुपये प्रति चम्मच बिक रहा है गधी का दूध

नई दिल्ली (11 अगस्त): अभी तक आने गाय, भैंस और बकरी के दूध को ऊंची कीमत से बिकनी की खबर के बारे में सुना होगा। लेकिन बेंगलुरु में लोग गधी के एक चम्मच दूध के लिए 50 रुपये तक चुका रहे हैं। गधी का दूध बेचने वाले कृष्णप्पा कोलार का फुलटाइम व्यवसाय यही बन गया है।

ऐसा माना जाता है कि गधी का दूध नवजातों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है जिससे कई बीमारियों से लड़ने में उन्हें मदद मिलती है। कृष्णप्पा अपनी गधी (लक्ष्मी) को साथ में लिए हुए गलियों से गुजरता है और कन्नड़ में जोर-जोर से चिल्लाते है- गधी का दूध ले लो...अस्थमा, ठंड, खांसी से राहत दिलाने में फायदेमंद। आपके बच्चों की सेहत के लिए सेहतमंद दूध...।

गधी के दूध के पौष्टिक गुणों पर कई और विशेषज्ञों का भी भरोसा है। यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंस में डेयरी साइंस के विशेष अधिकारी जयप्रकाश एचएम बताते हैं, गधी का दूध मां के दूध के समान पौष्टिक है। इसमें लाइसोजाइम जैसे तत्व पाए जाते हैं। प्रतिरोधी क्षमता के लिए यह बहुत ही फायदेमंद है।

हालांकि गधी का दूध व्यावसायिक तौर पर नहीं बेचा जा सकता है, क्योंकि गधी के दूध का उत्पादन बहुत ही कम पैमाने पर होता है। हालांकि न्यूट्रशनिस्ट शीला कृष्णास्वामी का कहना है कि अभी तक आहार विज्ञान में इसके फायदों का कोई प्रमाण नहीं मिलता है।