काशी की संस्‍कृति के बारे में बताएगी यह 'जलपरी'

पीयूष आचार्य, वाराणसी (3 जनवरी): बनारस में 70 फीट लंबी और 24 फिट ऊंची जलपरी देसी क्रूज पर अब बैठ कर काशी की संस्कृति देख सकते हैं। कोलकाता से आये 12 कारीगरों के दल ने पिछले दो महीनों की कड़ी मेहनत के बाद ये देसी क्रूज तैयार किया है।

काशी यानी बनारस में गंगा की लहरों पर तैरने के लिए यह 'जलपरी' पूरी तरह से तैयार है। जलपरी देसी-विदेशी पर्यटकों को गंगा विहार के साथ ही बनारस की कला, संस्कृति, संगीत, खान-पान और बनारसीपन से परिचय कराएगी। काशी के घाटों पर घूमाने के लिए इस देसी क्रूज को गंगा में उतारा गया है, जिसे लोग 'जलपरी' कह रहे हैं। इसे 'जलपरी' के आकार में बनाया गया है। काशी में एक-दो नहीं बल्कि पूरे 84 घाट हैं और घाटों के दर्शन के लिए खासतौर पर इस जलपरी को तैयार किया गया है। वहीं काशी के दशाश्वमेध घाट पर हर रोज गंगा आरती होती है। गंगा की लहरों के बीच से जलपरी में बैठकर पर्यटक अब आरती देखने का आनंद उठाएंगे।

70 फीट लम्बी और 24 फिट चौड़ी 'जलपरी' कई सुविधाओं से लैस है। इसमें 200 लोगों के एक साथ बैठने का इंतजाम है। इसके साथ दो छोटी नाव एस्कॉर्ट करते हुए चलेगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सैफ्टी बैग का इंतजाम किया गया है। बोट पर ही बनारसी खान-पान का भी इंतजाम किया गया है। घाटों के दर्शन के दौरान बनारसी संगीत से लोगों का मनोरंजन भी किया जाएगा। वहीं जलपरी पर दो गाइड भी तैनात रहेंगे जो काशी की संस्कृतियों से पर्यटकों को परिचय कराएंगे।

वीडियो:

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