90 साल की महिला का दावा: मौत के बाद हुई जिंदा, यमराज से की मुलाकात

बुलंदशहर(28 जुलाई): यहां के खुर्जा इलाके में एक 90 साल की बुजुर्ग महिला ने यमराज से मुलाकात का दावा किया है। बताया जा रहा है कि 25 जुलाई की शाम को महिला की मौत हो गई थी, लेकिन मौत के 10 घंटे बाद उनकी सांसें वापस आ गईं और वह फिर से जिंदा हो गईं। इसके बाद महिला ने कहा कि यमराज खुद उसे छोड़ने आए थे।

क्‍या है पूरा मामला?

- 90 साल की कैला देवी खुर्जा के बगराई गांव की रहने वाली हैं। 

- पिछले कुछ वक्‍त से उनकी तबीयत खराब चल रही थी और 25 जुलाई की सुबह उनके परिवार की तमाम कोशिशों, दवाओं और दुआओं के बाद भी उनका मौत हो गई। 

- पूरे परिवार में मातम छा गया। गांव और आसपास के कुनबे के लोग जमा हुए और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गईं। 

- कैला देवी के शव को बर्फ पर रख दिया गया, क्‍योंकि बाहर से भी कुछ रिश्तेदारों को आना था। 

- 10 घंटे बीत गए और फिर रिश्तेदारों के आने के बाद शव को श्‍मशान के लिए ले जाया जाने लगा। 

- इसी दौरान अचानक कैला देवी के शरीर में जान आ गई। वह बोलने लगीं तो वहां हड़कंप मच गया। 

- आनन-फानन में उन्हें अर्थी से उतारा गया तो उन्होंने बताया कि यमराज उन्हें भूलोक तक छोड़ने के लिए खुद वापस आए।

कैली का दावा- कागजों का लेखा-जोखा भी देखा गया

- कैला देवी का दावा सच है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। 

- लेकिन गांव के सैकड़ों लोगों ने कैला देवी को मर कर जिंदा होते हुए देखा है। 

- लोगों का कहना है कि उन्हें लेने के लिए 4 लोग आए थे, जिनमें से एक की दाढ़ी थी। 

- कैला देवी का दावा है कि उन्हें लेकर वे यमलोक पहुंचे, जहां कागजों का लेखा-जोखा भी देखा गया। 

- फिर बताया गया कि इन्हें अभी जीने दिया जाए, क्योंकि अभी इनका कुछ वक्त बाकी है। 

- कैला देवी के दावों को सुनकर सभी हैरान हैं। गांव के बुजुर्ग उन्हें देखने के लिए पहुंचने लगे हैं।

- गांव के डॉक्टर ने भी कैला को जिंदा रहते वक्‍त दवा दी थी और उनके मरने के बाद भी वह उन्हें चेक करने आए थे।

कैली देवी की मौत

90 साल की कैला देवी खुर्जा के बगराई गांव की रहने वाली हैं। पिछले कुछ वक्त से उनकी तबियत खराब चल रही थी और 25 जुलाई की सुबह उनके परिवार की तमाम कोशिशों, दवाओं और दुआओं के बाद भी उनकी मौत हो गई। परिवार में मातम छा गया। सभी की आखों से आंसू बहने लगे। गांव-कुनबे के लोग जमा हो गए और फिर अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरु हो गईं। गांव में जिसने भी सुना वो उनके घर की ओर चल दिया। कैला देवी के कुछ रिश्तेदार जिले के बाहर भी रहते हैं तो इसीलिए शव को बर्फ पर रख दिया गया और रिश्तेदारों का इंतजार किया जाने लगा।

अर्थी से उठ गई 10 घंटे बीत गए और फिर रिश्तेदारों के आने के बाद शव को शमशान के लिए ले जाने लगे। तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने सपने में भी उम्मीद नहीं की थी। अचानक कैला देवी के शरीर में जान आ गई। वह बोलने लगीं और फिर तो मानो हडकंप मच गया। आनन-फानन में उन्हें अर्थी से उतारा गया। महिला ने वहां मौजूद लोगों को बताया कि यमराज उन्हें भूलोक तक छोड़ने के लिए खुद वापस आए।  

यमलोक ले गए कैला देवी ने बताया कि उन्हें लेने के लिए चार लोग आए थे जिनमें से एक की दाढ़ी थी। वह यमलोक पहुंचे जहां कागजों का लेखा-जोखा भी था। वहां मौजूद शख्स ने कहा कि इन्हें अभी जीने दिया जाए क्योंकि अभी इनका कुछ वक्त बाकी है। कैला देवी के इन दावों को जिसने भी सुना हैरान हो गया।  

यमराज को देखा कैलादेवी कहती हैं कि उन्होंने यमराज को देखा, वे जिस बारीकी से यमलोक और वहां की बातें बता रही हैं उन्हें सुन कर सभी हैरान हैं। गांव के लोग इस पूरे वाकये को सच मान रहे हैं क्योंकि उन्होंने कैला देवी को शव-शैय्या पर पड़े देखा था और फिर उन्हें जिंदा होते भी देखा। गांव के डॉक्टर ने भी कैलादेवी को जिंदा रहते दवा दी थी और उनके मरने के बाद भी वह उन्हें चेक करने आये थे।