गणतंत्र दिवस पर मुंबई को दहलाना चाहते थे यह आतंकी

सिद्धांत मिश्रा, मुंबई (27 जनवरी): आईएस के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की गई एनआईए और महाराष्ट्र एटीएस समेत दूसरी एजेंसियों की कार्रवाई ने भले गणतंत्र दिवस पर मंडरा रहे खतरे को टाल दिया है, लेकिन इस छापेमारी में गिरफ्तार मुम्बई के मुदब्बिर और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार रिज़वान अहमद ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं।

एटीएस की सूत्रों की माने तो मुदब्बिर ने सीरिया में बैठे अपने आकाओं के ज़रिये मुंबई को दहलाने की पूरी योजना बना ली थी। आतंक के इस खेल में मुदब्बिर के साथ रिज़वान का भी बड़ा हाथ था। पकड़े गए इन संदिग्धों से पूछताछ में एक चीज़ साफ़ हो गई है कि भारत में आईएस का फोकस महाराष्ट्र पर है, यहां उसे युवाओं से सबसे ज़्यादा समर्थन मिल रहा है और यहीं अपने स्लीपर सेल तैयार करके मुंबई समेत पूरे हिन्दुस्तान को निशाना बनाना चाहता है।

एटीएस के सूत्रों की माने तो मुंबई से सटे ठाणे के मुंब्रा से गिरफ्तार मुदब्बिर ने मुंबई को दहलाने की पूरी योजना सीरिया में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर बना रखी थी। मुदब्बिर के इस सनसनीखेज़ प्लान का खुलासा महाराष्ट्र एटीएस की गिरफ्त में मौजूद उत्तरप्रदेश के कुशीनगर से गिरफ्तार रिज़वान ने किया है। बताया जा रहा है कि रिज़वान मुंबई भी आया था, जहां उसने मुदब्बिर से मुलाकात की थी। हालांकि इस बात पर अभी संदेह है। यही नहीं एटीएस के एक बड़े अधिकारी की माने तो मालवणी से लापता हुए युवकों के पीछे भी मुदब्बिर और रिज़वान का हाथ है। वाजिद और नूर मोहम्मद नाम के युवक मीडिया में आई खबरों के बाद लौट आये जबकि अयाज़ और मोहसिन अभी भी लापता हैं।

रिज़वान से एटीएस की पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि उसने गोवा का भी दौरा किया था, जहां से इन्हें धमाकों में इस्तेमाल करने के लिए डेटोनेटर्स लाने थे। दरअसल गोवा में कोल माफिया बहुत सक्रिय है, जहां से आसानी के साथ डेटोनेटर्स लाये जा सकते थे। वहीं मुदब्बिर के घर से माचिस के बॉक्स और कुछ डेटोनेटर्स पाये जाने की भी खबर है, लेकिन महाराष्ट्र एटीएस और एनआईए की साझा कार्रवाई ने इनके मंसूबों को नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई ने आईएस को करारा जवाब तो ज़रूर दिया है लेकिन हाल ही के दिनों में महाराष्ट्र और मुंबई के इलाकों आईएस ज्वाइन करने की इच्छा रखने वाले युवकों की बढ़ती तादाद एटीएस के लिए बड़ी चुनौती है.।

एटीएस अभी भी ऐसे कई युवकों को तलाश कर रही है, जो पढ़े लिखे हैं और अपने घर से लापता हैं। महाराष्ट्र एटीएस ने कुछ महीने पहले गायब हुए युवकों की रिपोर्ट लोकल पुलिस से मंगवाई है। यह वो युवक है जो मुंबई महारष्ट्र से अचानक गायब हो गये और उनके परिवार वालों को अभी तक इनका पता नहीं चला है। बताया जा रहा है कि इन युवकों की उम्र 20 से 30 साल के बीच हैं। हालांकि इन लापता युवकों का आंकड़ा कितना है इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पायी है। इसलिए भले ही गणतंत्र दिवस पर आतंकी हमले का खतरा टल गया हो लेकिन मुंबई जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों को आईएस अपने स्लीपर सेल के ज़रिये निशाना बना सकता है। शायद यही वजह है कि महाराष्ट्र एटीएस सोशल नेटवर्किंग साइट्स और संवदनशील इलाकों पर अपनी पैनी नज़र बनाये हुए है।