जानिए, कौन सी खूबियां प्रियंका को बनाती हैं UP के लिए खास

रमन कुमार, नई दिल्ली (28 जून): अब आपको बताते हैं कि प्रियंका वाड्रा में ऐसा क्या खास है, जिससे वो लोगों को आसानी से अपने साथ जोड़ लेती हैं। अब तक प्रियंका सिर्फ अमेठी और रायबरेली तक सीमित रही हैं। लेकिन, अब पूरे यूपी में प्रियंका चुनाव प्रचार करेंगी। 

प्रियंका वाड्रा राजनीति में बेशक पूरी तरह से सक्रिय न रहती हों। लेकिन राजनीति के मिजाज़, उसके तकाजे, उसकी बारीकियों से बखूबी वाकिफ हैं। आम नेताओं की तरह वो हर जगह नजर नहीं जाती। ना हीं हर मुद्दे पर बोलती हैं। चुनाव प्रचार भी करती हैं तो बेहद सीमित। प्रियंका को अगर जनता के बीच प्रचार करते हुए देखा गया है तो सिर्फ दो जगह एक उनके भाई राहुल का चुनावी क्षेत्र अमेठी और दूसरा अपनी मां के चुनावी क्षेत्र रायबरेली में।

प्रियंका का प्रचार कितना असरदार होता है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता  है कि वो होती तो रायबरेली और अमेठी में हैं लेकिन चर्चा पूरे देश में होती है। प्रियंका जनता की नब्ज जानती हैं, इसलिए जब वो प्रचार में उतरती हैं तो विरोधियों पर सटीक हमले करती हैं। वो कई बार ये साबित भी कर चुकी हैं कि उनमें इंदिरा गांधी की तरह बाजी पलट देने की कुव्वत और करिश्मा है। साल 1999 में चुनाव के दौरान प्रियंका के करिश्में की झलक मिली थी।

कांग्रेस विरोधी भी अच्छी तरह जानते हैं कि प्रियंका की शख्सियत में कुछ ऐसी बात है जो चुनाव प्रचार में उनकी भूमिका को असरदार बना देती है।

आम आदमी में प्रियंका वाड्रा का आकर्षण चुनावी सभाओं में भीड़ जुटाने की क्षमता भावानात्मक भाषण देने की कला

प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने की अटकलें 1999 से ही लग रही हैं। जब उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान पहली बार मां सोनिया गांधी के चुनाव प्रचार की बागडोर संभाली थी। लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। अब कांग्रेस हिंदुस्तान के नक्शे पर सिर्फ 6 राज्यों में सिमट कर रह गयी है। पार्टी का जनाधार लगातार कम हो रहा है। कांग्रेस अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है, ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को भरोसा है कि प्रियंका की सक्रिय राजनीति में एंट्री कांग्रेस को नई ताकत देगी।