इन देशों ने आज तक नहीं जीता ओलंपिक मेडल...

नई दिल्ली (3 अगस्त): रियो ओलंपिक में 207 देश हिस्सा ले रहे हैं। हर देश ज्यादा से ज्यादा मेडलों पर कब्जा करना चाहता है, लेकिन ऐसे भी कई देश हैं जो रियो में ओलंपिक के इतिहास में पहली बार कोई मेडल जीत सकते हैं।

यह है वो देश, जिन्होंने आजतक नहीं जीता ओलंपिक मेडल...

कोसोवो: दक्षिणपूर्वी यूरोप में बसे कोसोवो को एक देश के तौर पर पहली बार ओलंपिक में शामिल किया गया है। दक्षिणपूर्वी यूरोप में बसे इस देश को जूडो की प्रतिस्पर्धा में महिला ऐथलीट मजलिन्दा केलमेन्डी से पदक जीतने की उम्मीद होगी।

बोस्निया ऐंड हर्जेगोनिया: इस बाल्कन देश ने 1992 में बार्सिलोना में हुए ओलंपिक्स खेलों में पदार्पण किया था। लेकिन आज तक कोई मेडल जीतने में सफलता नहीं मिल सकी।

सेंट किट्स ऐंड नेविस: इस कैरीबियाई देश ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक्स में पदार्पण किया था। इस बार यह देश छठे महाआयोजन में हिस्सा लेगा। लेकिन अब भी पदकों के मामले में खाता खुलने का इंतजार है।

फिजी: 1956 में पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले फिजी ने ऐथलेटिक्स, जूडो, शूटिंग, स्विमिंग और वेटलिफ्टिंग जैसी स्पर्धाओं में कई बार हिस्सा लिया है। लेकिन 11 समर और 3 विंटर ओलंपिक्स खेलने के बावजूद फिजी ने आज तक कोई पदक नहीं जीता है।

सैन मारिनो: दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक सैन मारिनो के ट्रैप शूटर लंदन 2012 में पहली बार पदक जीतने से चूक गए थे। इस देश ने 1960 में पहली बार ओलंपिक्स में हिस्सा लिया था। लेकिन 56 सालों के बाद भी एक मेडल का इंतजार है।

रवांडा: अब तक आठ ओलपिक्स खेलों में हिस्सा ले चुके अफ्रीकी देश रवांडा को अब भी खाता खुलने का इंतजार है।

जॉर्डन: चार सदस्यीय राइफल और ट्रैप शूटिंग टीम के साथ रवांडा ने 1980 के मॉस्को ओलंपिक्स में पदार्पण किया था। लेकिन आज भी पदक का इंतजार है।

होन्डुरस: मध्य अमेरिका में बसे इस देश ने अब तक 9 समर ओलंपिक्स में हिस्सा लिया है। यह देश अब भी एक अदद मेडल के इंतजार में है।