इन चंद कारणों से हो रही है देश की सबसे बड़ी हड़ताल !

नई दिल्ली (2 अगस्त): श्रम संगठनों का कहना है कि सरकार उनके 12 सूत्रीय मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। मनमाने ढंग से श्रम सुधारों का ढोल पीटा जा रहा है। श्रम संगठनों की मांगों में अखिल भारतीय जन वितरण प्रणाली के माध्यम से महंगाई कम करने, श्रम कानून लागू करने, सभी कर्मचारियों को यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी कवर तथा सरकारी कंपनियों व बैंकों का विनिवेश बंद करना शामिल है।

अपनी 12 सूत्री मांगों में श्रम संगठनों ने मासिक न्यूनतम मजदूरी 18,000 रुपये करने और मासिक न्यूनतम पेंशन तीन हजार रुपये करने की बात कही है। इस बीच सीटू के महासचिव तपन कुमार सेन ने कहा है कि श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारु दत्तात्रेय का बोनस और सामाजिक सुरक्षा के बारे में जारी किया गया बयान भ्रम पैदा करने वाला है।