इन 5 नई खोजों से बढ़ेगी भारत की ताकत, सेना बनेगी 'फौलादी'

अविनाश पांडे, नई दिल्ली (29 अप्रैल): 5 खोजें भारतीय सेना की सूरत बदल देंगीं। इन 5 खोजों से सेना को सबसे बड़ी ताकत मिलने वाली है। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे बदलने वाली है भारतीय सेना। कैसे बढ़ने वाला है हिंदुस्तान का हौसला। कैसे बदलने वाली है भारतीय सेना?

जी हां अब देश के दुश्मनों की खैर नहीं। हिंदुस्तान की तरफ आंख उठाकर देखने की हिमाकत करने वाले होशिय़ार हो जाएं। भारतीय सेना ऐसे ऐसे अत्याधुनिक हथियारों से लैस हो गई है। जिसने सेना की ताकत कई गुना बढ़ा दी है। आज हम आपको उन 5 खोजों के बारे में बताएंगे जिसने भारतीय सेना के हौसले को कई गुना बढ़ा दिया है। वो 5 खोज भारतीय फौजियों के लिए वरदान साबित होने वाले हैं। उन 5 खोजों की बदौलत भारतीय सेना धरती से लेकर आसमान तक का सीना चाक करने का हौसला रखती है।

भारतीय सेना नई तकनीक से लैस हो रही है। अत्याधुनिक हथियार, अत्याधुनिक साजो सामान। तकनीक ने भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा रोबोटिक्स साइंस की मदद ली गई है। ऐसे ऐसे रोबोट्स आ गए हैं भारतीय सेना में जिनकी बदौलत जवानों की जान का जोखिम काफी कम हो गया है। 

रोबोटिक्स साइंस ने सेना को ताकतवर बनाने में सबसे ज्यादा मदद की है। इसी की बदौलत अब सैनिकों की जान को बिना जोखिम में डाले जंग के मैदान में अपनी ताकत दिखाई जा सकती है। इस बिना ड्राइवर वाली गाड़ी को ही देख लीजिए। इस गाड़ी को रिमोट कंट्रोल से ऑपरेट किया जाता है। और जंग के मैदान में ये इतनी कारगर है कि रिमोट कंट्रोल के जरिए इस गाड़ी से रॉकेट तक दागे जा सकते हैं।

डीआरडीओ के इस नए आविष्कार को देश में ही बनाया गया है। ये ऐसा मानवरहित ऑटोनोमस हथियार है दुनिया में किसी देश के पास नहीं है। सीमा पर पेट्रोलिंग सर्विलांस से लेकर इसका इस्तेमाल जंग के मैदान में हो सकता है। भारतीय सेना में ये हथियार जल्दी ही शामिल होने वाला है। रोबोटिक्स साइंस का एक और कमाल देखिए जो सेना में जवानों की जान बचाने में अहम योगदान देने वाला है। गाड़ीनुमा ये रोबोट किसी भी तरह के बम को डिफ्यूज करने के लिए बनाया गया है।

लैंड माइन्स बिछे इलाकों में भी इनका इस्तेमाल हो सकता है। सेना के जवानों की जान बिना जोखिम में डाले दुश्मन के दांव से बचा जा सकता है। रोबोटिक्स साइंस की मदद से ऐसे ऐसे रोबोट्स बनाए गए हैं जो परमाणु बम केमिकल बम और बॉय़ोलॉजिकल बम के असर वाले इलाकों में भी काम कर सकते हैं। 

रोबोट में लगे सेंसर्स से सारी जानकारी कंट्रोल रुम तक मिलती है। 1 किलोमीटर तक के इलाके की सारी जानकारी कंट्रोल रुम को मिलती है। दिन के साथ रात में भी काम कर सकता है। असर वाले इलाके की मिट्टी की जांच करके इलाके को सील कर देता है। सेना के जांबाज हो या पुलिस के जवान सबसे मुश्किल कामों में से एक है किसी जिंदा बम को डिफ्यूज करना। बम डिफ्यूज करने के दौरान कई जांबाज मारे गए हैं या घायल हुए हैं.। लेकिन नई टेक्नोलॉजी ने इस खतरे को भी खत्म कर दिया है। अब सेना के पास ऐसे कई रोबोट्स हैं जिनकी मदद से बमों को डिफ्यूज किया जा सकता है।

नई तकनीक से लैस भारतीय सेना के जांबाज दुश्मनों के हौसले पस्त करने वाले हैं। सिर्फ नए हथियारों से ही लैस नहीं हो रही है भारतीय सेना। सेना के जवानों के लिए ऐसी खास तरह की ड्रेस तैयार की जा रही है। जो जंग के मैदान का नजारा बदलकर रख देगी। उस ड्रेस के जरिए जंग के मैदान की एक एक हलचल पर होगी नजर। आइए आपको दिखाते हैं कि कैसे होंगे भारत के भविष्य के सैनिक।  

किसी भी देश की सेना की ताकत का पता इस बात से चलता है कि वो अत्याधुनिक हथियारों से कितनी लैस है। कितना अत्याधुनिक साजोसामान उस सेना के पास है। सेना नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किस हद तक कर रही है। नए जमाने में सेना की ताकत का पता उसकी टेक्नोलॉजी से चलता है।और अब भारतीय सेना भी इस चुनौती के लिए तैयार हैं. आइए आपको दिखाते हैं कि कैसे होंगे भारत के भविष्य के सैनिक।  भारत के भविष्य के सैनिक मॉर्डन टेक्नोलॉजी से लैस होंगे। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल इस तरह से किया गया है कि सैनिक की हर हलचल की जानकारी जंग के मैदान से दूर कमांड ऑफिस को मिलती रहेगी। जंग के मैदान के एक एक एक्शन का लाइव टेलीकॉस्ट होगा सेना के कमांड ऑफिस में।

इस तरह की टेक्नोलॉजी अभी तक सेना इस्तेमाल नहीं कर रही है। लेकिन जल्दी ही ये मुमकिन होने वाला है। भविष्य के भारतीय सैनिक बिल्कुल हॉलीवुड के फिल्मों वाले सोल्जर की तरह होंगे। 

इस नई टेक्नोलॉजी के जरिए सैनिकों के हलचल की ही नहीं उनकी शारिरीक हालत की भी एक एक जानकारी कमांड ऑफिस के पास होगी। सैनिक के बीपी से लेकर उसके दिल की धड़कन तक ऑफिस के कंप्यूटर में दर्ज होगी। सोचिए इस नई टेक्नोलॉजी से सैनिकों को कितनी ताकत मिलने वाली है। इस नई टेक्नोलॉजी का रेंज फिलहाल एक किलोमीटर का है। लेकिन इसका रेंज बढ़ाने की भी कोशिशें चल रही हैं।

ये नए हथियार भारतीय सेना में शामिल हो रहे हैं। और इन्हीं की बदौलत सेना को मिल रही है नई ताकत।