'बांग्लादेश में नहीं बचेगा एक भी हिंदू '

नई दिल्ली (22 नवंबर): अगर पलायन की मौजूदा दर जारी रहती है तो बांग्लादेश में अब से 30 साल बाद कोई हिंदू नहीं बचेगा क्योंकि हर दिन देश से अल्पसंख्यक समुदाय के औसतन 632 लोग मुस्लिम बहुल देश को छोड़कर जा रहे हैं। यह बात एक जाने-माने अर्थशास्त्री ने कही है। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार ढाका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अब्दुल बरकत ने कहा, पिछले 49 वर्षों से पलायन की दर उस दिशा की ओर इशारा करती है।  बरकत ने अपनी पुस्तक पॉलिटिकल इकॉनमी ऑफ रिफॉर्मिंग एग्रीकल्चर-लैंड वाटर बॉडीज इन बांग्लादेश में कहा कि अब से तीन दशक बाद देश में कोई हिंदू नहीं बचेगा। अखबार ने बताया कि यह पुस्तक 19 नवंबर को प्रकाशित की गई। वर्ष 1964 से 2013 के बीच तकरीबन 1.13 करोड़ हिंदुओं ने धार्मिक उत्पीड़न और भेदभाव की वजह से बांग्लादेश छोड़ा। इसका मतलब है कि प्रतिदिन औसतन 632 हिंदुओं ने और सालाना दो लाख 30 हजार 612 हिंदुओं ने देश छोड़ा।