स्विट्जरलैंड: बर्फ को पिघलने से बचाने के लिए सफेद कंबलों से ढंके गए ग्लेशियर

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 अगस्त): स्‍विटरलैंड की खूबसूरत वादियों का सारा क्रेडिट वहां के ग्‍लेशियर को जाता है। मगर ग्‍लोबल वॉर्मिंग बढ़ने की वजह से उनके ऊपर पिघलने का संकट मंडराने लगा है। ऐसे में स्‍थानीय लोगों की मदद से इन्‍हें सफेद कंबलों से ढंक दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है, ग्लोबल वॉर्मिंग और गर्मी की वजह से लगातार बर्फ पिघल रही है। इसे बचाने के लिए यह तरीका अपनाया जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, सफेद कंबल धूप को अंदर नहीं आने देते। साथ ही, बर्फ और कंबल के बीच मौजूद हवा ऊष्मा से बचाती है, जिससे बर्फ पिघलने से बचती है। ग्लेशियोलॉजिस्ट डेविड वॉल्कन ने बताया, इस तरीके से बर्फ को पिघलने से 50% से 70% तक बचाया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्विट्जरलैंड के ग्लेशियर करीब 150 साल से पिघल रहे हैं। 1856 से अब तक इस ग्लेशियर की मोटाई में 1148 फीट की कमी आई है। फिलहाल इनकी ऊंचाई 1200 फीट तक है। वहीं, पिछले सिर्फ 10 सालों में ग्लेशियर 131 फीट नीचे आ गया है। स्विस ग्लेशियर मॉनिटरिंग नेटवर्क के मुताबिक 10 साल में ग्लेशियर की मोटाई औसतन 33 फीट तक घट गई है। इस वजह से ग्लेशियर के पास झील बन गई है। उनका कहना है कि अगर ग्लोबल वॉर्मिंग की यही स्थिति रही तो साल 2100 आते-आते ज्यादातर ग्लेशियर पिघल जाएंगे। पहाड़ी इलाकों में भी महज 10% बर्फ बचेगी। 

बर्फ खत्म होने से सैलानियों में स्विट्जरलैंड का आकर्षण घटने की आशंका है। ऐसे में आसपास रहने वालों से भी ग्लेशियर ढकने की अपील की जा रही है। समुद्र तल से 7500 फीट ऊपर स्थित इस ग्लेशियर को पूरी तरह ढंकने में कई घंटे लगते हैं। हजारों डॉलर का खर्च आता है। इस पर्यटक स्थल को बचाने के लिए यह खर्च ज्यादातर स्थानीय लोग ही उठाते हैं।