भगवान हुए बीमार, नहीं दे रहे भक्तों को दर्शन

कपिल श्रीमाली, उदयपुर (30 जून): झीलों के शहर उदयपुर के जगन्नाथ धाम के स्वामी भगवान जगन्नाथ इन दिनों बीमार हैं। बीमार होने की वजह से भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन नहीं दे पा रहे हैं। मंदिर के पुजारियों के मुताबिक जगन्नाथ स्वामी को 35 घड़ों के पानी से स्नान करवाया जाता है, इसके बाद ही उनकी तबीयत खराब हुई है।

परंपरा के मुताबिक ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर हर साल भगवान जगन्नाथ जी को 108 घडों के पानी से विशेष स्नान करवाया जाता है। प्रभु के सुदर्शन चक्र को 18 घड़ों के पानी से, सुभद्राजी को 22 घड़ों के पानी से, बलभद्रजी को 33 घड़ों के पानी से और जगन्नाथ स्वामी को 35 घड़ों के पानी से स्नान करवाया जाता है। ज्येष्ठाभिषेक के समय भगवान रत्न जड़ित सिंहासन पर बिराजते हैं। ऐसी मान्यता है कि पूर्णिमा के विशेष स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं और गणेश रूप धारण कर लेते हैं।

स्वामी भगवान जगन्नाथ के अस्वस्थ हो जाने से मंदिर के पट बंद हो जाते हैं और भक्तों को अपने अराध्य के दर्शन से रोक दिया जाता है। स्वामी भगवान जगन्नाथ के बीमार होने के बाद उन्हें मंदिर परिसर में भक्तों से दूर सखा जाता है। इस दौरान सिर्फ मंदिर के पुजारी को ही जगन्नाथ जी के पास जाने की इजाजत होती है। पुजारी भगवान जगन्नाथ को स्वस्थ करने के लिए दवाइयों का काढा तैयार किया जाता है। ताकी भगवान का स्वास्थ जल्द से जल्द ठीक हो सके।

हालांकि भगवान जगन्नाथ को ठीक होने में कम से कम 15 दिनों का वक्त लगता है। भक्त निराश ना हों इसलिए मंदिर में  भगवान मदनमोहन श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकम के दिन भगवान जगन्नाथ अपने सभी भक्तो को दर्शन देंगे। तब उनके प्राकट्य पर 36 तरह के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा और इसके बाद वे रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे।

वीडियो:

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