इनकी आंखों से आंसू नहीं, खून टपकता है

नई दिल्ली(11 मार्च): सोचिए आप बैठे हों और आपके आंखों से खून निकलने लगे। ये काफी दर्दनाक है। एक ऐसी लड़की है जिसकी आंखों से खून निकलता है और डॉक्टर्स भी आजतक इसका इलाज नहीं कर पाए।

17 साल की मैरनी रे हार्वे की कोई भी दोस्त नहीं है क्योंकि वो घर से बाहर नहीं निकलती, वो हमेशा घर में ही रहती है। उसने कई डॉक्टर्स को दिखाया लेकिन इसका समाधान नहीं निकला।उसने कहा कि पहले आंखों तो में जलन होती है फिर मेरी पुतलियां खून से ढक जाती हैं जिससे मैं देख नहीं पाती। इस रहस्यमयी बीमारी का असर शरीर के बाकी अंगों पर भी होता है। इसकी शुरुआत साल 2013 में हुई थी।   

दो सालों तक ये चला। फिर अचानक जुलाई 2015 में वो रात में उठी तो उसका चेहरा खून से कवर था। उसकी आंखों से खून निकल रहा था। लड़की के माता-पिता ने इसके बाद एंबुलेंस बुलाया। इसको देखने के बाद डॉक्टर्स हैरान हो गए क्योंकि उन्होंने ऐसा पहला मामला देखा। 

भारत में भी ऐसा मामला

बता दें आपको इसी तरह का मामला कोलकाता की भी एक लड़की के साथ देखने को मिला। कोलकाता की 14 वर्षीय प्रिया अपने दादा जी से मैथ्स के सवाल पूछ ही रही थी कि अचानक उसकी आंखों में जलन होने लगी। आंख धोने के लिए जब वो बाथरूम में गई तो उसने देखा कि उसकी आंखों से खून आ रहा है। डर से ग्रस्त प्रिया के घरवालों ने जब उसे अस्पताल में दाखिल कराया तब तक खून बंद हो चुका था और डॉक्टर भी कुछ नहीं समझ पाये। कुछ दिनों बाद प्रिया के साथ ऐसा दोबारा हुआ। इस बार डॉक्टर्स ने प्रिया का MRI समेत कई अन्य टेस्ट किये। जिसमें खुलासा हुआ कि प्रिया एक दुर्लभ बीमारी Psychogenic Purpura से ग्रसित है। जिसमें आंखों से खून आने लगता है। इस बीमारी की खोज Frank Gardner और Louis Diamond नामक दो वैज्ञानिकों ने 1955 में की थी। इस वजह से इस बीमारी को डायमंड टीयर्स भी कहते हैं।

कोलकाता के कई हॉस्पिटल्स के चक्कर लगाने के बाद आख़िरकार उन्हें वेल्लूर के Christian Medical College का सहारा मिला। पर यहां भी प्रिया की हालत में कुछ खास सुधार नहीं हुआ। इसके बाद इस केस को साहा रेफेर कर दिया गया, जहां के न्यूरो-साइकेट्रिस्ट का कहना है कि "यह किसी आम बीमारी की तरह ही है, जो कि कई सालों से चली आ रही है"। प्रिया की मां का कहना है कि मेरे पति एक सिविल इंजीनियर है जिनके लगातार तबादले से प्रिया को मानसिक परेशानी होती थी। प्रिया की बीमारी की वजह से हम अब कोलकता में ही रहने लगे हैं। यहां डॉ के लगातार निरीक्षण की वजह से अब प्रिया की हालत में भी सुधार आने लगा है।