ट्रायल के लिए तैयार है देश में बनी पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन, ये हैं इसकी खूबियां

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (16 नवंबर): भारतीय रेलवे की स्वदेशी तकनीक से बनी पहली ट्रेन सेट टी-18 का ट्रायल 17 नवंबर यानि शनिवार को होगा। इस ट्रेन को बरेली से मुरादाबाद के बीच चलाया जाएगा। ट्रेन सेट टी-18 के ट्रायल रन के लिए रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइज़ेशन (RDSO) की टीम भी मुरादाबाद पहुंच गई है। ये पूरी तरह भारतीय है और ये पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत होगी।

इस ट्रेन को विशेष रूप से बुलेट ट्रेन के मॉडल पर तैयार किया गया है। यह ट्रेन गतिमान की तरह ही 160 किलोमीटर की स्पीड पर चलेगी, चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने इसे तैयार किया है।

साल 2018 में बनने के कारण इसे टी-18 नाम दिया गया है। इंडियन रेलवे का यह पहला ऐसा ट्रेन सेट होगा, जो मेट्रो की तरह का ही होगा यानी इसमें इंजन अलग नहीं होगा बल्कि ट्रेन के पहले और अंतिम कोच में ही इसके चलाने का बंदोबस्त होगा। इसके कोच स्टेनलेस स्टील के होने की वजह से न सिर्फ हल्के होंगे बल्कि वे तेज रफ्तार से चल सकेंगे।

पहले इस ट्रेन को दिल्ली-भोपाल के बीच चलाने की चर्चा थी, लेकिन अब इसे भोपाल की बजाय मुरादाबाद से कनेक्ट कराया गया है। यह शताब्दी की तर्ज पर बनाई गई है। 16 कोच वाला यह ट्रेन सेट विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप और पूर्णत: भारतीय तकनीक एवं डिजायन पर बना है।देश की पहली आधुनिक ट्रेन यात्रियों को नये साल में सफर कराने लगेगी।  

इस ट्रेन सेट में कई फीचर जोड़े गए हैं, जिनमें वाईफाई, एलईडी लाइट, पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम आदि भी शामिल है। सरकार ने सबसे पहले 2014 के रेल बजट में देश के नौ रूटों पर सेमी हाईस्पीड ट्रेनें चलाने का ऐलान किया था। इनमें दिल्ली-आगरा, दिल्ली-चंडीगढ़, दिल्ली-कानपुर, नागपुर-बिलासपुर, मैसूर-बंगलूर-चेन्नई, मुंबई-गोवा, मुंबई-अहमदाबाद, चेन्नई-हैदराबाद तथा नागपुर-सिकंदराबाद रूट शामिल थे।  

कहा जा रहा है कि  100 करोड़ रुपए की लगात में बनी यह ट्रेन भारत में विकसित, ऊर्जा बचाने वाली है।ये ट्रेन आने वाले समय में ट्रेन में सफर का अंदाज ही बदल देगी। सूत्रों ने कहा कि यह गाड़ी भारतीय रेलवे के इतिहास में एक मील का पत्थर है।