मुस्लिमों को नौकरी नहीं देने संबधी RTI जवाब पर विवाद, आयुष मंत्री ने दी सफ़ाई

नई दिल्ली (12 मार्च) आयुष विभाग को देखने वाले केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने उस रिपोर्ट को झूठा बताया है जिसमें आरटीआई के जवाब के हवाले से बताया गया था कि नीति के तहत विभाग में मुसलमानों की नियुक्ति नहीं की जाती। नाइक ने कहा कि ये सिर्फ बदनाम करने की साज़िश है और इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

आयुष मंत्रालय आयुर्वेद, योग, नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी जैसी चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए बना हुआ है।

पाक्षिक अखबार 'मिल्ली गज़ेट' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक आयुष मंत्रालय से वर्ल्ड योगा डे 2015 के लिए शॉर्ट टर्म योगा टीचर और ट्रेनर के चुनाव से जुड़ा सवाल पूछा गया था इसके जवाब में मंत्रालय ने जो कहा वो हैरान करने वाला है। अपने जवाब में मंत्रालय ने कहा कि वो मुस्लिम उम्मीदवारो का चुनाव ही नहीं करते। वर्ल्ड योगा डे के लिए विदेश में मंत्रालय ने ये भी माना शॉर्ट टर्म ट्रेनर के लिए इसमें 711 मुस्लिम उम्मीदवारों ने आवेदन किया था लेकिन किसी को भी इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया। 

आरटीआई से मिले इस जवाब में ये भी बताया गया है कि अक्टूबर 2015 में योगा टीचर और ट्रेनर के लिए 3841 मुस्लिम उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। किसी का भी चयन नहीं किया गया।

पत्रकार पुष्प शर्मा ने कई आरटीआई दाखिल की थीं। इसमें उन्होने पूछा था कि पहले विश्व योग दिवस (21 जून 2015) पर विदेश असाइनमेंट्स के लिए कितने मुस्लिम योग शिक्षकों और ट्रेनर्स की सेवाएं ली गईं।

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय से जवाब मिला- 'सरकार की नीति के मुताबिक किसी भी मुसलमान को आमंत्रित, नियुक्त या विदेश नहीं भेजा गया।'